कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भाजपा ने राज्य में अपने विजय अभियान को धार देने के लिए 'फायरब्रांड' नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मैदान में उतार दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर अपनी उम्मीदवारी और मतदाता सूची को लेकर गंभीर हमले किए हैं।
योगी आदित्यनाथ का 20 रैलियों का मिशन
योगी आदित्यनाथ आज, 12 अप्रैल से बिष्णुपुर जिले के सोनामुखी विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनावी अभियान का शंखनाद कर रहे हैं। भाजपा ने योगी के लिए एक व्यापक रूट मैप तैयार किया है:
रणनीति: पार्टी योगी आदित्यनाथ की छवि को हिंदुत्व और 'यूपी मॉडल' की सख्त कानून-व्यवस्था के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है।
प्रसार: योगी राज्यभर में करीब 20 जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में ध्रुवीकरण और वोट बैंक को मजबूत करना है जहां भाजपा और तृणमूल के बीच सीधा मुकाबला है।
पीएम मोदी का वार: "UCC लागू करेंगे, तुष्टीकरण रोकेंगे"
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 रैलियों और रोड शो के जरिए राज्य में माहौल गर्माया। जंगीपुर की रैली में पीएम ने टीएमसी पर तीखे प्रहार किए:
घुसपैठ और तुष्टीकरण: पीएम ने आरोप लगाया कि ममता सरकार वोट बैंक के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है।
UCC का वादा: मोदी ने संकल्प दोहराया कि सत्ता में आने पर भाजपा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी।
नारा: उन्होंने कहा कि 'मां-माटी-मानुष' का नारा अब केवल दिखावा रह गया है।
ममता बनर्जी का पलटवार: "मेरी उम्मीदवारी रद्द कराने की कोशिश"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर उन्हें चुनाव से बाहर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। भवानीपुर से अपनी उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने कहा:
"मेरी उम्मीदवारी रद्द कराने के लिए झूठे मामले दर्ज कराने के प्रयास किए गए, लेकिन जनता ने इसे नाकाम कर दिया। भाजपा चुनाव आयोग पर दबाव डालकर 90 लाख मतदाताओं के नाम कटवा चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल हैं।"
ममता के अन्य प्रमुख आरोप:
EVM में छेड़छाड़: उन्होंने कार्यकर्ताओं को ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
धार्मिक स्वतंत्रता: ममता ने कहा कि बंगाल में किसी भी कीमत पर UCC लागू नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि यह लोगों की निजी स्वतंत्रता पर हमला है।
बाहरी बनाम स्थानीय: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केवल चुनाव के समय बंगाल आते हैं और उन्हें राज्य की संस्कृति की समझ नहीं है।
दिलीप घोष का 'डर' और 'बदलाव' का दावा
खड़गपुर सदर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने भी हमला तेज करते हुए कहा कि राज्य का हिंदू समुदाय डर के साए में जी रहा है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी की 'घुसपैठियों के जरिए चुनाव जीतने' की रणनीति अब काम नहीं आएगी और जनता बड़े बदलाव के लिए तैयार है।
चुनावी समीकरण: एक नजर में
| पक्ष | मुख्य मुद्दा/हथियार | रणनीति |
|---|---|---|
| भाजपा | योगी की एंट्री, UCC, सख्त कानून-व्यवस्था | हिंदुत्व और विकास के मॉडल पर ध्रुवीकरण |
| TMC | मतदाता सूची में धांधली, बाहरी बनाम स्थानीय | क्षेत्रीय पहचान और संविधान बचाओ का नारा |
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निष्कर्ष: योगी आदित्यनाथ की एंट्री ने बंगाल चुनाव को और अधिक आक्रामक बना दिया है। एक तरफ भाजपा का 'हिंदुत्व और सुरक्षा' का कार्ड है, तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी का 'सहानुभूति और क्षेत्रीय गौरव' का दांव। आने वाले दिन बंगाल की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होंगे।