AI चैटबॉट्स के साथ अपनी प्राइवेसी कैसे सुरक्षित रखें: ChatGPT, Gemini और Copilot के लिए खास टिप्स

एआई (AI) चैटबॉट्स के बढ़ते उपयोग के बीच डेटा प्राइवेसी एक गंभीर विषय बन गया है। डेटा अक्सर इन मॉडल्स को 'ट्रेन' करने के लिए उपयोग किया जाता है? अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आपको इन सेटिंग्स को तुरंत बदलने की जरूरत है।

12 Apr 2026  |  7

 

नई दिल्ली | आज के डिजिटल युग में चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी और माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट हमारे निजी सहायक बन गए हैं। हम अक्सर अपनी निजी बातें, पेशेवर योजनाएं और संवेदनशील डेटा इनके साथ साझा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह डेटा अक्सर इन मॉडल्स को 'ट्रेन' करने के लिए उपयोग किया जाता है? अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आपको इन सेटिंग्स को तुरंत बदलने की जरूरत है।

1. ChatGPT: ट्रेनिंग और हिस्ट्री पर लगाएं लगाम

ओपनएआई (OpenAI) का यह बॉट आपकी बातचीत को याद रखता है। इसे रोकने के लिए ये कदम उठाएं:

ट्रेनिंग बंद करें: सेटिंग्स में जाकर 'Data Controls' के अंदर 'Improve the model for everyone' विकल्प को बंद कर दें। इससे आपकी चैट का उपयोग एआई को सुधारने के लिए नहीं होगा।

टेम्परेरी चैट (Temporary Chat): अगर आप चाहते हैं कि बातचीत सेव ही न हो, तो 'Temporary Chat' मोड ऑन करें।

हिस्ट्री डिलीट करें: समय-समय पर अपनी पुरानी चैट हिस्ट्री को मैन्युअली क्लियर करते रहें।

2. Google Gemini: गूगल ईकोसिस्टम से प्राइवेसी बचाएं

जेमिनी आपकी ड्राइव, जीमेल और डॉक्स से जुड़ा होता है, जिससे इसके पास आपकी बहुत सारी जानकारी होती है।

Activity बंद करें: गूगल अकाउंट की सेटिंग्स में जाकर 'Gemini Apps Activity' को ऑफ कर दें। इससे गूगल आपकी भविष्य की बातचीत को स्टोर नहीं करेगा।

ऑटो-डिलीट फीचर: अपनी एक्टिविटी को 3, 18 या 36 महीनों के बाद अपने आप डिलीट होने के लिए सेट करें।

एक्सेन्शन डिसेबल करें: यदि जरूरत न हो, तो ड्राइव और जीमेल जैसे एक्सेन्शन को बंद रखें ताकि बॉट आपकी फाइल्स न पढ़ सके।

3. Microsoft Copilot: पर्सनलाइजेशन पर कंट्रोल

कोपायलट आपके सर्च बिहेवियर और वर्क डेटा पर नजर रखता है।

ट्रेनिंग ऑप्ट-आउट: सेटिंग्स के प्राइवेसी सेक्शन में जाकर 'Training on text' और 'Training on voice' विकल्पों को डिसेबल करें।

पर्सनलाइजेशन ऑफ करें: यदि आप नहीं चाहते कि कोपायलट आपकी पिछली बातों को याद रखकर जवाब दे, तो 'Personalization' फीचर को बंद कर दें।

वर्क अकाउंट: यदि आप ऑफिस के काम के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं, तो हमेशा 'Enterprise' या वर्क अकाउंट का उपयोग करें, क्योंकि इनमें प्राइवेसी प्रोटेक्शन ज्यादा सख्त होता है।

कुछ जरूरी 'गोल्डन रूल्स':

संवेदनशील डेटा न दें: कभी भी अपना पासवर्ड, बैंक विवरण या आधार कार्ड जैसी जानकारी किसी भी एआई को न बताएं।

प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें: कंपनियां समय-समय पर नियम बदलती हैं, इसलिए अपडेट्स पर नजर रखें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): अपने एआई अकाउंट्स को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा 2FA का उपयोग करें।

निष्कर्ष: तकनीक हमारी सुविधा के लिए है, लेकिन हमारी प्राइवेसी की जिम्मेदारी हमारी अपनी है। इन सेटिंग्स को अपनाकर आप बिना किसी डर के एआई की ताकत का लाभ उठा सकते हैं।

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