विशाखापत्तनम | चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले के बाद दोनों ही टीमों के लिए बुरी खबर आई है। सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज नीतीश राणा को आईपीएल की आचार संहिता (Code of Conduct) के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जिसके चलते उन पर मोटा जुर्माना लगाया गया है।
ऋतुराज गायकवाड़ पर 12 लाख का जुर्माना
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर स्लो ओवर रेट के कारण ₹12 लाख का जुर्माना लगाया गया है। आईपीएल की आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के तहत यह सीएसके की इस सीजन की पहली गलती है।
सीजन के तीसरे कप्तान: ऋतुराज इस सीजन में स्लो ओवर रेट की सजा पाने वाले तीसरे कप्तान बन गए हैं। उनसे पहले पंजाब किंग्स के श्रेयस अय्यर (दो बार) और गुजरात टाइटंस के शुभमन गिल पर भी यह जुर्माना लग चुका है।
नीतीश राणा की 25% मैच फीस कटी
दिल्ली कैपिटल्स के नीतीश राणा के लिए यह सजा और भी हैरान करने वाली रही क्योंकि वह मैच की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे और इम्पैक्ट सब्स्टिट्यूट के तौर पर बाहर बैठे थे।
वजह: राणा को फोर्थ अंपायर के साथ तीखी बहस करने का दोषी पाया गया।
सजा: उन पर 25% मैच फीस का जुर्माना लगाया गया है और साथ ही उनके खाते में 1 डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।
आखिर क्यों भड़के थे नीतीश राणा?
मैदान के बाहर बैठे नीतीश राणा की नाराजगी की वजह दिल्ली की पारी के 19वें ओवर में घटी एक घटना थी।
ग्लव्स विवाद: दिल्ली के बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स बल्लेबाजी के दौरान अपने ग्लव्स बदलना चाहते थे, लेकिन फोर्थ अंपायर ने इसकी अनुमति नहीं दी।
नतीजा: उसी ओवर में स्टब्स आउट हो गए, जिससे दिल्ली का खेमा भड़क गया। डगआउट में बैठे नीतीश राणा और टीम के कोच फोर्थ अंपायर से ऊँची आवाज में बहस करते देखे गए, जिसे आईपीएल अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
निष्कर्ष: आईपीएल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खेल के नियमों और अंपायरों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे खिलाड़ी मैदान पर खेल रहा हो या डगआउट में बैठा हो।