मध्य पूर्व में शांति की नई पहल: पुतिन ने की ईरानी राष्ट्रपति से बात, रूस ने रखी मध्यस्थता की पेशकश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस इस क्षेत्र में स्थायी समाधान और शांति बहाली के लिए अपनी हर संभव सुविधा और राजनयिक सहायता प्रदान करने को तैयार है।

12 Apr 2026  |  11

 

मास्को/तेहरान: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और राजनयिक गतिरोध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की है। यह महत्वपूर्ण संवाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के विफल होने के ठीक बाद हुआ है।

विफल वार्ता के बाद रूस की सक्रियता

इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में किसी ठोस समझौते पर न पहुँच पाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के साथ संपर्क साधा। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस इस क्षेत्र में स्थायी समाधान और शांति बहाली के लिए अपनी हर संभव सुविधा और राजनयिक सहायता प्रदान करने को तैयार है।

पुतिन का कूटनीतिक रुख

बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:

राजनीतिक समाधान: सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक रास्तों से संघर्ष सुलझाने की आवश्यकता।

क्षेत्रीय स्थिरता: हिंसा के व्यापक प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए तनाव कम करने का आह्वान।

सहयोग की पेशकश: खाड़ी देशों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता।

युद्ध के मैदान से: हिजबुल्लाह का इजरायली सेना पर दोहरा प्रहार

एक ओर जहाँ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज होता दिख रहा है। लेबनान स्थित सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने इजरायली सैन्य ठिकानों पर दो बड़े हमलों का दावा किया है:

कमांड टीम पर ड्रोन हमला: हिजबुल्लाह के अनुसार, उन्होंने वेस्ट बैंक के तायबेह शहर में एक इजरायली सैन्य वाहन को निशाना बनाया। दावा किया गया है कि इस वाहन में कमांड टीम सवार थी, जिसे ड्रोन के जरिए सटीक रूप से लक्षित किया गया।

किर्यात शमोना बैरक पर बमबारी: उत्तरी इजरायल में स्थित किर्यात शमोना बैरक पर भी संगठन ने कई ड्रोन दागे। हिजबुल्लाह ने इन हमलों को इजरायली सैन्य उल्लंघनों का करारा जवाब बताया है।

विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि इस्लामाबाद वार्ता की विफलता के बाद रूस का इस संकट में सीधे तौर पर कूदना वैश्विक भू-राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुतिन की मध्यस्थता इस सुलगते क्षेत्र में शांति का मार्ग प्रशस्त कर पाएगी।

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