हैदराबाद: भाग्यनगर (हैदराबाद) में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहाँ एक कैश मैनेजमेंट कंपनी के दो कर्मचारी 31 एटीएम में जमा किए जाने वाले 1.20 करोड़ रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
ऑडिट में खुला गबन का खेल
यह करोड़ों का घोटाला तब उजागर हुआ जब कंपनी ने एसआर नगर इलाके के 31 एटीएम का आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) किया। ऑडिट रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
कुल ₹1,20,98,500 की भारी कमी पाई गई।
जांच में पता चला कि 31 में से 8 एटीएम में तो एक भी रुपया जमा ही नहीं किया गया था।
बाकी एटीएम में भी निर्धारित राशि से काफी कम कैश मिला, जिससे साफ हो गया कि बड़ी रकम रास्ते में ही ठिकाने लगा दी गई।
कौन हैं मास्टरमाइंड?
पुलिस के अनुसार, इस धोखाधड़ी के मुख्य संदिग्ध कंपनी के दो कर्मचारी वासिरेड्डी और लतीफ हैं। इन्हीं दोनों के पास एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी थी।
दोनों पिछले दो दिनों से बिना बताए ड्यूटी से गायब हैं।
उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहे हैं, जिससे शक यकीन में बदल गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
एसआर नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों तक पहुँचने के लिए निम्नलिखित कदम उठा रही है:
सीसीटीवी फुटेज: कैश वैन के रूट और एटीएम केंद्रों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
कॉल डिटेल्स (CDR): आरोपियों के अंतिम लोकेशन और संपर्क में रहे लोगों की जांच की जा रही है।
विशेष टीमें: संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी के लिए विशेष दस्ते रवाना किए गए हैं।
सतर्कता अभियान: साइबर फ्रॉड से बचने की सलाह
इस बड़ी चोरी की घटना के बीच, हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों के लिए एक जागरूकता अभियान भी चलाया। पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि वे तकनीकी और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए:
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
अनजान कॉल्स पर अपनी निजी जानकारी या OTP साझा न करें।
किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
विशेष नोट: कैश मैनेजमेंट कंपनियों को अब अपने कर्मचारियों की पृष्ठभूमि (Background Verification) और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।