ट्रंप का ईरान पर तीखा प्रहार: 'हॉर्मुज में बिछाई माइन्स, वादा खिलाफी कर दुनिया को संकट में डाला'

मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने का दावा किया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने का अपना वादा तोड़ दिया है।

12 Apr 2026  |  14

 

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक संबंधों में एक बार फिर कड़वाहट चरम पर पहुँच गई है। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता की विफलता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने का दावा किया है। ट्रंप ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य: वादे से पलटा ईरान?

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर साझा किए गए एक बयान में कहा कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने का अपना वादा तोड़ दिया है।

गंभीर आरोप: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने समुद्र में बारूदी माइन्स (Mines) बिछाई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही असुरक्षित हो गई है।

वैश्विक प्रभाव: उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की इस 'गैर-जिम्मेदाराना' हरकत से दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट गहरा गया है।

परमाणु कार्यक्रम पर 20 घंटे की मैराथन चर्चा रही बेनतीजा

ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए ट्रंप ने खुलासा किया कि दोनों देशों के बीच लगभग 20 घंटे तक गहन बातचीत हुई, लेकिन ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए तैयार नहीं है।

"ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे। उनकी रक्षा प्रणाली और नौसेना अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही। अगर हमारी राह में कोई बाधा डाली गई, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।" — डोनाल्ड ट्रंप

इस्लामाबाद वार्ता: 'भारत-पाक महायुद्ध' टलने का दावा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बैठक का एक और बड़ा पहलू उजागर किया। उन्होंने दावा किया कि इस वार्ता का एक मुख्य उद्देश्य भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित बड़े युद्ध को रोकना था। ट्रंप के अनुसार, इस कूटनीतिक हस्तक्षेप से लाखों लोगों की जान बचाई गई है।

प्रमुख बिंदु और चेतावनियाँ:

सैन्य ताकत का प्रदर्शन: ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान की एयरफोर्स और रक्षा प्रणाली अब कमजोर हो चुकी है।

तुरंत जलमार्ग खोलने की मांग: अमेरिका ने मांग की है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी देरी के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोला जाए।

गठबंधन की नजर: अमेरिका और उसके सहयोगी देश स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।

विशेषज्ञों का विश्लेषण: जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान न केवल ईरान को दी गई सीधी चेतावनी है, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिका के बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक दबाव को भी दर्शाता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, ऐसे में यहाँ तनाव का सीधा असर आपकी जेब और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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