करनाल | हरियाणा के करनाल जिले का प्रसिद्ध सर्राफा बाजार इन दिनों "नकली सोने" के खौफ के साये में है। एक अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा ज्वेलर्स को ठगने का मामला सामने आने के बाद न केवल व्यापारी, बल्कि आम उपभोक्ता और महिलाएं भी अपने जेवरों की शुद्धता को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पंजाब, दिल्ली और यूपी में छापेमारी तेज कर दी है।
कैसे हुआ खुलाशा?
कुंजपुरा रोड स्थित OPS ज्वेलरी हाउस के संचालक यतिन गोयल ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी थी। आरोप है कि गिरोह ने चालाकी से नकली सोना थमाकर असली जेवर और नकदी हड़प ली। सीआईए-3 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुशी अरोड़ा और उसके पिता सर्वपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी का तरीका और गिरोह का जाल
पुलिस जांच और रिमांड पेपर के अनुसार, इस गिरोह के तार गहरे जुड़े हैं:
बदला अदला-बदली: आरोपियों ने असली 66 ग्राम सोने के बदले नकली सोना थमाया।
मुनाफे का बंटवारा: ठगी के जेवरों को पंजाब के अमृतसर में एक सुनार को 7.92 लाख रुपये में बेचा गया, जिसे गिरोह के सदस्यों ने आपस में बांट लिया।
फरार आरोपी: पुलिस अब परमजीत, पूजा, अवनीत अरोड़ा, सतिंद्र पाल सिंह उर्फ डोलर, जीतू और हैरी जैसे अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
उपभोक्ताओं में बढ़ी बेचैनी: क्या आपका सोना शुद्ध है?
बाजार में नकली सोने की खबर फैलते ही उपभोक्ताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह नकली सोना बाजार के जरिए आम ग्राहकों तक तो नहीं पहुंच गया? हालांकि ज्वेलर्स का दावा है कि वे पूरी सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन ग्राहकों का संदेह बरकरार है।
सोने की शुद्धता जांचने के तरीके
यदि आपको अपने जेवरों पर संदेह है, तो आप आधुनिक तकनीक का सहारा ले सकते हैं:
कैरेट मीटर (XRF तकनीक): बड़े ज्वेलर्स के पास यह मशीन उपलब्ध होती है, जो बिना गहने को नुकसान पहुंचाए कुछ ही सेकंड में शुद्धता बता देती है।
BIS हॉलमार्किंग सेंटर: सरकारी मान्यता प्राप्त लैब सबसे विश्वसनीय माध्यम हैं। यहाँ मामूली शुल्क (50 रुपये प्रति जेवर) देकर जांच कराई जा सकती है।
यहाँ करा सकते हैं शुद्धता की जांच:
श्री जी हॉलमार्क सेंटर: शॉप नंबर 588, पहाड़गंज, मोहल्ला सर्राफा।
कान्हा हॉलमार्किंग सेंटर: शॉप नंबर 99, ओल्ड सर्राफा बाजार।
पुलिस की 'रहस्यमयी' चुप्पी
हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा मामला सुलझाने और गिरफ्तारियां करने के बावजूद पुलिस के उच्च अधिकारी इस विषय पर आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। पुलिस की यह चुप्पी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल, सीआईए की टीमें पंजाब और यूपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।