नई दिल्ली | टेक डेस्क दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) के 'एंड-टू-एंड' (E2E) एन्क्रिप्शन के दावों पर टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव ने तीखा हमला बोला है। डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को 'कस्टमर फ्रॉड' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि व्हाट्सएप सुरक्षा के जो वादे करता है, हकीकत उससे कोसों दूर है।
क्लाउड बैकअप: सुरक्षा में सबसे बड़ी सेंध?
डुरोव का सबसे बड़ा आरोप व्हाट्सएप के क्लाउड बैकअप को लेकर है। उन्होंने कहा:
बिना एन्क्रिप्शन के स्टोरेज: व्हाट्सएप पर मैसेज भले ही एन्क्रिप्टेड हों, लेकिन जब उनका बैकअप गूगल ड्राइव (Google Drive) या आईक्लाउड (iCloud) पर लिया जाता है, तो वे अक्सर बिना एन्क्रिप्शन के स्टोर होते हैं।
ऑप्शनल सुरक्षा: बैकअप एन्क्रिप्शन का विकल्प यूजर्स के लिए अनिवार्य नहीं है। डुरोव के अनुसार, अधिकांश यूजर्स इसे सक्रिय (Enable) नहीं करते, जिससे उनके मैसेज Apple और Google के सर्वर पर असुरक्षित पड़े रहते हैं।
दूसरे की गलती, आपकी सजा: डुरोव ने एक तकनीकी पेंच भी बताया। अगर आपने अपना बैकअप सुरक्षित कर लिया है, लेकिन आपके साथ चैट करने वाले व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया है, तो आपकी बातचीत अभी भी लीक हो सकती है।
मेटा डेटा और निगरानी की चिंता
सिर्फ मैसेज ही नहीं, डुरोव ने व्हाट्सएप द्वारा इकट्ठा किए जाने वाले 'मेटा डेटा' पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि व्हाट्सएप यह ट्रैक करता है कि आप किससे बात करते हैं, कितनी देर बात करते हैं और कब बात करते हैं। यह जानकारी किसी भी यूजर की प्राइवेसी के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
डेटा डिस्क्लोजर: टेलीग्राम बनाम व्हाट्सएप
पावेल डुरोव ने दावा किया कि क्लाउड स्टोरेज प्रोवाइडर हर साल कई बार थर्ड-पार्टी एजेंसियों को व्हाट्सएप मैसेज का डेटा सौंपते हैं। अपनी तुलना करते हुए उन्होंने कहा:
"टेलीग्राम ने एक दशक पहले अपनी शुरुआत के बाद से आज तक किसी भी तीसरे पक्ष के साथ यूजर मैसेज का कंटेंट साझा (Disclose) नहीं किया है।"
डुरोव के आरोपों के मुख्य बिंदु
| विषय | डुरोव का दावा |
|---|---|
| एन्क्रिप्शन | व्हाट्सएप का E2E एन्क्रिप्शन दावों तक सीमित, बैकअप में सुरक्षा नहीं। |
| बैकअप | गूगल और ऐपल के सर्वर पर मैसेज बिना एन्क्रिप्शन के मौजूद। |
| मेटा डेटा | यूजर की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी मेटा द्वारा एकत्र करना। |
| विश्वसनीयता | व्हाट्सएप का सुरक्षा मॉडल 'कस्टमर फ्रॉड' के समान। |
निष्कर्ष: पावेल डुरोव के ये बयान मैसेजिंग ऐप्स की दुनिया में प्राइवेसी की बहस को एक नए स्तर पर ले गए हैं। हालांकि मेटा हमेशा अपने एन्क्रिप्शन को अभेद्य बताता रहा है, लेकिन डुरोव की दलीलों ने यूजर्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या उनका 'प्राइवेट डेटा' वाकई निजी है।