ब्रसेल्स | यूरोप में डेटा प्राइवेसी (Data Privacy) को लेकर एक बड़ा संकट गहराता नजर आ रहा है। हाल ही में आए एक व्यापक सर्वे ने वैश्विक तकनीकी दिग्गजों की नींद उड़ा दी है। सर्वे के नतीजे स्पष्ट करते हैं कि यूरोपीय नागरिक अब अपने व्यक्तिगत डेटा को लेकर अमेरिका और चीन की कंपनियों पर भरोसा करने के मूड में नहीं हैं। यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डिजिटल सुरक्षा और संप्रभुता पर नई बहस शुरू हो गई है।
सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े: चीन और अमेरिका पर 'भरोसे का संकट'
'यूरोपियन पल्स सर्वे' (जिसे क्लस्टर17 ने पॉलिटिको और बीबार्टलेट के लिए आयोजित किया) में बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और पोलैंड के करीब 6,698 लोगों की राय ली गई। इस सर्वे ने तकनीकी महाशक्तियों के प्रति बढ़ते अविश्वास को उजागर किया है:
चीनी कंपनियों पर सबसे कम भरोसा: केवल 7.2% लोगों ने माना कि वे अपने डेटा के लिए चीनी संस्थाओं पर विश्वास करते हैं।
अमेरिकी कंपनियों की स्थिति भी चिंताजनक: 'सिलिकॉन वैली' के दबदबे के बावजूद, केवल 16.1% यूरोपीय नागरिकों ने अमेरिकी कंपनियों को भरोसेमंद माना।
जर्मनी में सबसे ज्यादा विरोध: डेटा सुरक्षा को लेकर सबसे सख्त रुख जर्मनी में देखा गया, जहां 91.2% लोगों ने विदेशी कंपनियों पर अविश्वास जताया। हालांकि, पोलैंड में 37.9% के साथ अमेरिकी कंपनियों के प्रति थोड़ी नरम राय देखी गई।
एआई (AI) पर बंटी हुई है यूरोप की राय
तकनीकी प्रगति और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर यूरोप दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। सर्वे के अनुसार:
लाभ बनाम जोखिम: 50.1% लोग एआई को भविष्य के लिए फायदेमंद मानते हैं, जबकि 49.9% इसे एक बड़ा जोखिम करार दे रहे हैं।
देशों का नजरिया: * फ्रांस: यहाँ के 64.1% लोग एआई के संभावित नुकसानों को लेकर डरे हुए हैं।
स्पेन: इसके विपरीत, स्पेन के 62.7% लोग एआई के फायदों को लेकर काफी उत्साहित और सकारात्मक हैं।
क्या घरेलू तकनीकी विकल्पों की ओर बढ़ेगा यूरोप?
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी कंपनियों के प्रति यह बढ़ता अविश्वास यूरोप को 'डिजिटल सॉवरेन्टी' (Digital Sovereignty) की ओर धकेल सकता है। सर्वे के संकेत स्पष्ट हैं:
"यूरोपीय नागरिक अब अपनी डिजिटल पहचान को लेकर अधिक सतर्क हैं। विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने और अपने घरेलू एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देने की मांग अब केवल नीतिगत नहीं, बल्कि जनभावना बन गई है।"
निष्कर्ष
यह सर्वे रिपोर्ट वैश्विक टेक कंपनियों के लिए एक चेतावनी है। जैसे-जैसे एआई का उपयोग दैनिक जीवन में बढ़ रहा है, डेटा की गोपनीयता और पारदर्शिता ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे खोया हुआ भरोसा वापस पाया जा सकता है। फिलहाल, यूरोप में डेटा सुरक्षा को लेकर यह अनिश्चितता वैश्विक टेक बाजार के समीकरण बदल सकती है।