खाड़ी संकट: इस्लामाबाद की विफलता के बाद अब जिनेवा पर टिकी निगाहें, क्या 21 अप्रैल से पहले थमेगा तनाव?

दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते के अंत तक जिनेवा में एक बार फिर आमने-सामने बैठ सकते हैं। कूटनीतिज्ञों की कोशिश है कि इस समय सीमा के खत्म होने से पहले किसी ठोस समझौते पर पहुँचा जाए, ताकि क्षेत्र को एक बड़े सैन्य टकराव से बचाया जा सके।

14 Apr 2026  |  11

 

वाशिंगटन/जिनेवा | पश्चिम एशिया में मंडराते युद्ध के बादलों के बीच शांति की एक और उम्मीद जगी है। इस्लामाबाद में हुई पिछली शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक चैनलों ने फिर से सक्रियता दिखाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते के अंत तक जिनेवा में एक बार फिर आमने-सामने बैठ सकते हैं।

सीजफायर खत्म होने की समय सीमा नजदीक

यह प्रस्तावित वार्ता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) 21 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। कूटनीतिज्ञों की कोशिश है कि इस समय सीमा के खत्म होने से पहले किसी ठोस समझौते पर पहुँचा जाए, ताकि क्षेत्र को एक बड़े सैन्य टकराव से बचाया जा सके।

राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा: "ईरान बातचीत के लिए बेचैन"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय हलकों में बेचैनी बढ़ा दी है। ट्रंप ने दावा किया कि इस्लामाबाद वार्ता के असफल होने के बाद ईरान ने स्वयं अमेरिका से संपर्क साधा है।

ट्रंप का रुख: राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि यदि ईरान उनकी शर्तों पर चर्चा के लिए तैयार है, तो वे आमने-सामने की बातचीत के लिए उपलब्ध हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर अड़े: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा।

जिनेवा ही क्यों?

इस्लामबाद में उच्च स्तरीय वार्ता की विफलता के बाद, जिनेवा को एक तटस्थ और अनुभवी कूटनीतिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व शामिल होंगे या केवल राजनयिक स्तर पर चर्चा होगी।

छह हफ्तों का तनाव और वैश्विक चिंता

पिछले डेढ़ महीने से जारी इस गतिरोध ने न केवल कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक मार्गों (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) पर भी संकट खड़ा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि जिनेवा वार्ता भी विफल रहती है, तो 21 अप्रैल के बाद स्थिति अनियंत्रित हो सकती है।

मुख्य बिंदु:

अंतिम तिथि: 21 अप्रैल को खत्म हो रहा है युद्धविराम।

संभावित स्थल: स्विट्जरलैंड का जिनेवा शहर।

प्रमुख मुद्दा: ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा।

विश्व भर की नजरें अब जिनेवा की ओर मुड़ गई हैं, जहाँ होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि खाड़ी क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या संघर्ष के एक नए दौर की ओर।

अन्य खबरें