जर्मनी के गुरुद्वारे में चुनावी रंजिश ने लिया खूनी रूप: 11 घायल, कृपाण और पेपर स्प्रे के इस्तेमाल से मची अफरा-तफरी

जर्मनी के मोर्स शहर स्थित स्थानीय गुरुद्वारे में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव और प्रबंधन को लेकर दो गुटों के बीच ऐसी हिंसक झड़प हुई कि पवित्र धार्मिक परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया। विवाद की मुख्य वजह गुरुद्वारे के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का आगामी चुनाव और संस्था के फंड प्रबंधन को बताया जा रहा है।

21 Apr 2026  |  7

 

डुइसबर्ग (जर्मनी): सात समंदर पार जर्मनी के मोर्स शहर स्थित डुइसबर्ग इलाके से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के एक स्थानीय गुरुद्वारे में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव और प्रबंधन को लेकर दो गुटों के बीच ऐसी हिंसक झड़प हुई कि पवित्र धार्मिक परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया। इस खूनी संघर्ष में 11 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय पैरामेडिक्स द्वारा उपचार दिया गया है।

सत्ता और फंड का वर्चस्व बना विवाद की जड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह गुरुद्वारे के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का आगामी चुनाव और संस्था के फंड प्रबंधन को बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और वर्तमान प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि पूर्व और वर्तमान सदस्यों के बीच लंबे समय से दबदबे की जंग चल रही थी। सोमवार को जब संगत सेवा के लिए एकत्रित हुई थी, तभी मतभेदों ने उग्र रूप ले लिया।

सुनियोजित हमले का आरोप, चले चाकू और कृपाण

जर्मन अखबार 'बिल्ड' के मुताबिक, यह कोई तात्कालिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सेवा शुरू होने से ठीक पहले हमलावरों ने अचानक पेपर स्प्रे से विरोधियों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते करीब 40 लोग आपस में भिड़ गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो (जिनकी पुष्टि अभी शेष है) में धार्मिक परिसर के भीतर हाथापाई के साथ-साथ चाकू और कृपाण जैसे धारदार हथियारों का प्रदर्शन भी देखा गया है।

फायरिंग की खबर से दहशद, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए जर्मन पुलिस ने मोर्चा संभाला और विशेष पुलिस सामरिक इकाइयों (Special Police Tactical Units) को तैनात किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने परिसर के भीतर गोली चलने की भी बात कही। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल से कारतूस के जो खोखे बरामद हुए हैं, उनसे संकेत मिलता है कि वह एक 'ब्लैंक-फायरिंग' (नकली गोली वाली) पिस्तौल थी। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य हथियार की तलाश जारी है।

"बच गई कई जानें"

संगत के एक बुजुर्ग सदस्य ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्थिति और भी भयावह हो सकती थी, लेकिन शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई। फिलहाल पुलिस गुरुद्वारे के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो की मदद से हमलावरों की पहचान कर रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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