विश्व युद्ध की कगार पर मध्य-पूर्व: ट्रंप की ईरान को 'अंतिम चेतावनी', 22 अप्रैल की आधी रात खत्म होगा संघर्षविराम

ट्रंप ने ईरान को 'अल्टीमेटम' देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 22 अप्रैल की आधी रात के बाद संघर्षविराम की अवधि किसी भी हाल में नहीं बढ़ाई जाएगी। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा है कि "ईरान धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं करेगा।"

21 Apr 2026  |  29

 

वॉशिंगटन/तेहरान: खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल अब और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'अल्टीमेटम' देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 22 अप्रैल की आधी रात के बाद संघर्षविराम की अवधि किसी भी हाल में नहीं बढ़ाई जाएगी। ट्रंप के इस सख्त रुख ने दुनिया भर की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि उन्होंने संकेत दिया है कि समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका पुनः बमबारी और सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

कूटनीति का समय खत्म: ट्रंप का कड़ा संदेश

सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने दोटूक लहजे में कहा कि कूटनीति के लिए अब और समय नहीं दिया जा सकता। ट्रंप ने कहा:

"हमारे पास अब वक्त नहीं है। समय सीमा 22 अप्रैल है और मैं संघर्षविराम नहीं बढ़ाऊंगा। मैं बमबारी की उम्मीद कर रहा हूँ क्योंकि इसी रवैये के साथ आगे बढ़ना बेहतर है।"

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस समय वार्ता में बेहद मजबूत स्थिति में है और वह वह काम कर रहे हैं जो पिछले 47 वर्षों में किसी राष्ट्रपति ने नहीं किया।

इस्लामाबाद शांति वार्ता पर अनिश्चितता के बादल

युद्ध रोकने की कोशिश में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित थी, लेकिन इसकी सफलता संदिग्ध नजर आ रही है:

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सलाहकार जेरेड कुश्नर के नेतृत्व में एक दल पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है।

ईरान का रुख: ईरान ने अभी तक अपने प्रतिनिधिमंडल के भेजने की पुष्टि नहीं की है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा है कि "ईरान धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं करेगा।"

तनाव का मुख्य कारण: होर्मुज और नाकेबंदी

दोनों देशों के बीच पिछले कुछ घंटों में आरोप-प्रत्यारोप और हिंसक झड़पें तेज हुई हैं:

गोलाबारी की घटना: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी मालवाहक जहाज पर की गई गोलाबारी ने आग में घी डालने का काम किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने चेतावनी दी है कि वे होर्मुज (Hormuz) जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करेंगे। ईरानी कमांडरों ने ट्रंप के दावों को 'झूठी कहानी' करार दिया है।

उल्लंघन के आरोप: ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया कि ईरान ने संघर्षविराम की शर्तों को तोड़ा है, जबकि ईरान ने अमेरिका पर 'सशस्त्र डकैती' का आरोप लगाया है।

घरेलू राजनीति: वर्जीनिया के मतदाताओं से अपील

विदेशी संकट के बीच ट्रंप ने अमेरिकी घरेलू राजनीति को भी साधने की कोशिश की है। उन्होंने वर्जीनिया के मतदाताओं से विशेष अपील करते हुए कहा, "वर्जीनिया, अपने देश को बचाने के लिए 'ना' कहें।" माना जा रहा है कि ट्रंप विदेशी चुनौतियों को घरेलू राजनीति से जोड़कर समर्थकों को लामबंद कर रहे हैं।

निष्कर्ष: अब पूरी दुनिया की निगाहें 22 अप्रैल की आधी रात पर टिकी हैं। यदि इस्लामाबाद की कूटनीति विफल रहती है, तो खाड़ी क्षेत्र एक बार फिर भीषण विस्फोटों और युद्ध की विभीषिका से दहल सकता है। ट्रंप की शर्तों पर समझौता होगा या हथियार अपनी भाषा बोलेंगे, इसका फैसला अगले कुछ घंटों में होने वाला है।

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