मोसाद के 'मिस्ट्री मैन' का खुलासा: इटली नाव हादसे में मारे गए एजेंट 'मेम' ने ही लिखी थी ईरान के खिलाफ जीत की पटकथा

मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने बताया कि मई 2023 में इटली की एक झील में हुए रहस्यमयी नाव हादसे में मारे गए एजेंट 'मेम' (कोड नेम) ने ही ईरान के खिलाफ इस्राइल के हालिया सैन्य अभियानों में सबसे निर्णायक और रणनीतिक भूमिका निभाई थी। एजेंट 'मेम' की पहचान उनकी मृत्यु के बाद भी एक पहेली बनी हुई है। ईरान के विरुद्ध चलाए गए 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' की सफलता के पीछे मेम की रचनात्मकता और चतुराई थी

22 Apr 2026  |  17

 

तेल अवीव | इस्राइल की कुख्यात खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय जासूसी जगत में हलचल मचा दी है। बार्निया ने बताया कि मई 2023 में इटली की एक झील में हुए रहस्यमयी नाव हादसे में मारे गए एजेंट 'मेम' (कोड नेम) ने ही ईरान के खिलाफ इस्राइल के हालिया सैन्य अभियानों में सबसे निर्णायक और रणनीतिक भूमिका निभाई थी।

कौन थे एजेंट 'मेम'?

एजेंट 'मेम' की पहचान उनकी मृत्यु के बाद भी एक पहेली बनी हुई है। उन्हें केवल उनके नाम के पहले हिब्रू अक्षर 'M' (मेम) से जाना जाता है।

विशेषज्ञता: वे गुप्त ऑपरेशनों, अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और रणनीतिक योजना बनाने के बेजोड़ विशेषज्ञ थे।

अंतिम विदाई: उन्हें अश्केलोन सैन्य कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया। मोसाद प्रमुख ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने अपना पूरा वयस्क जीवन गुमनामी के अंधेरे में रहकर देश की रक्षा में लगा दिया।

ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन'

डेविड बार्निया ने मेमोरियल डे के अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि ईरान के विरुद्ध चलाए गए 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' की सफलता के पीछे मेम की रचनात्मकता और चतुराई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया इस्राइल-ईरान संघर्ष में इस्राइल को जो बढ़त मिली, उसकी नींव मेम द्वारा तैयार किए गए ऑपरेशनों ने ही रखी थी।

"मेम के नेतृत्व में किए गए कार्यों ने ईरान के खिलाफ अभियान की सफलता पर गहरा असर डाला। उनके अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का खुलासा हम शायद कभी सार्वजनिक रूप से न कर पाएं।"

डेविड बार्निया, प्रमुख, मोसाद

मैगी गोर झील: वह बैठक जो त्रासदी में बदल गई

मई 2023 में इटली की मैगी गोर झील में एक टूरिस्ट नाव 'गुडूरिया' पलट गई थी। इस हादसे ने तब भी सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन अब इसके पीछे की सच्चाई और भी हैरान करने वाली है।

एजेंटों की गोपनीय बैठक: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस नाव पर 23 लोग सवार थे, जिनमें से 19 मौजूदा या पूर्व इस्राइली और इतालवी खुफिया एजेंट थे। यह महज सैर-सपाटा नहीं, बल्कि खुफिया एजेंसियों की एक उच्च-स्तरीय कार्य बैठक (Working Meeting) थी।

क्षमता से अधिक भार: जांच में पाया गया कि नाव की क्षमता केवल 15 लोगों की थी, लेकिन उस पर 23 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद, बचे हुए 10 इस्राइली नागरिकों को एक निजी विमान से आनन-फानन में इस्राइल वापस भेज दिया गया था।

कप्तान को मिली सजा

इस हादसे में एजेंट मेम के अलावा तीन अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। नाव के कप्तान क्लाउडियो कारमिनाटी (जिनकी पत्नी की भी इस हादसे में मृत्यु हो गई थी) को लापरवाही और यात्रियों की मौत के मामले में चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है।

निष्कर्ष: एजेंट 'मेम' की कहानी यह दर्शाती है कि पर्दे के पीछे चलने वाली 'शैडो वॉर' (Shadow War) में एक अकेला दिमाग कैसे पूरे युद्ध की दिशा बदल सकता है। इस्राइल आज उन्हें अपने उस गुमनाम नायक के रूप में याद कर रहा है, जिसने मरकर भी अपने देश को जीत की राह दिखाई।

अन्य खबरें