सावधान! क्या आप भी खा रहे हैं केमिकल से पके आम? FSSAI ने देशभर में जारी किया सख्त अलर्ट,फल विक्रेताओं कड़ी चेतावनी

FSSAI ने फल विक्रेताओं और व्यापारियों को कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन गैस जैसे रसायनों के सीधे इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। बड़ी मंडियों, फलों के गोदामों और कोल्ड स्टोरेज पर कड़ी नजर रखी जाए।

22 Apr 2026  |  15

 

नई दिल्ली: भीषण गर्मी के बीच फलों के राजा 'आम' की मांग आसमान छू रही है, लेकिन इसी के साथ आपकी सेहत पर एक बड़ा खतरा भी मंडरा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों पर सख्त रुख अपनाते हुए नया निर्देश जारी किया है।

सरकार की बड़ी कार्रवाई: जानलेवा रसायनों पर प्रतिबंध

16 अप्रैल को जारी एक आधिकारिक नोटिस में, FSSAI ने फल विक्रेताओं और व्यापारियों को कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन गैस जैसे रसायनों के सीधे इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये रसायन 'धीमे जहर' की तरह काम करते हैं और इनका खाद्य पदार्थों के साथ सीधा संपर्क स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

छापेमारी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी

FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को निर्देश दिया है कि:

निगरानी: बड़ी मंडियों, फलों के गोदामों और कोल्ड स्टोरेज पर कड़ी नजर रखी जाए।

सैंपलिंग: एथिलीन और कैल्शियम कार्बाइड के अवशेषों की जांच के लिए 'टेस्टिंग पेपर' का उपयोग किया जाए।

सजा: यदि किसी भी फल गोदाम में कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग पाया जाता है, तो दोषी के खिलाफ FSS Act की धारा 59 के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

क्यों हो रहा है प्राकृतिक स्वाद के साथ खिलवाड़?

अक्सर व्यापारी मुनाफे के चक्कर में फलों को समय से पहले बाजार में उतारना चाहते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:

समय की बचत: प्राकृतिक रूप से फल पकने में अधिक समय लेते हैं, जबकि केमिकल्स इन्हें रातों-रात पीला और आकर्षक बना देते हैं।

लॉजिस्टिक्स: कच्चे फलों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाना आसान होता है क्योंकि वे जल्दी खराब नहीं होते। गंतव्य पर पहुँचते ही इन्हें रसायनों के जरिए पकाकर ताज़ा दिखाया जाता है।

उपभोक्ता कैसे करें असली और नकली की पहचान?

आपकी रसोई तक पहुँचने वाला फल सुरक्षित है या नहीं, इसकी पहचान आप इन आसान तरीकों से कर सकते हैं:

पहचान का तरीकाकेमिकल से पका फलप्राकृतिक रूप से पका फल
रंगबाहर से पूरी तरह पीला, लेकिन रंग एक समान (Uniform) होता है।रंग में हल्का उतार-चढ़ाव और प्राकृतिक धब्बे हो सकते हैं।
स्वादअंदर से कहीं खट्टा और कहीं मीठा लग सकता है।स्वाद में एकसमान मिठास और खुशबू होती है।
महसूस होनाखाने पर गले में हल्की जलन या जीभ पर अजीब स्वाद।प्राकृतिक मिठास और रसीलापन।

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विशेषज्ञों की सलाह: फल खरीदने के बाद उन्हें अच्छी तरह पानी में धोएं और संभव हो तो छिलका उतारकर ही खाएं। सेहत के प्रति सजग रहकर ही हम इस 'केमिकल अटैक' से बच सकते हैं।

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