ईरान ने 48 घंटे में लिया बदला, इजराइल से जुड़े दो जहाजों को किया जब्त

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल और अमेरिका से जुड़े दो व्यापारिक जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया है। मरीन ट्रैफिक और ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC की समुद्री शाखा ने ओमान के पास 'फास्ट अटैक बोट्स' के जरिए जहाजों को घेरा। चेतावनी के तौर पर फायरिंग करने के बाद कमांडो ने इन जहाजों पर नियंत्रण कर लिया।

22 Apr 2026  |  9

 

तेहरान | फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल और अमेरिका से जुड़े दो व्यापारिक जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया है। ईरान की यह कार्रवाई रविवार को अमेरिका द्वारा उसके एक जहाज को जब्त किए जाने के ठीक 48 घंटे बाद हुई है।

कैसे अंजाम दिया गया 'बदला'?

मरीन ट्रैफिक और ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC की समुद्री शाखा ने ओमान के पास 'फास्ट अटैक बोट्स' के जरिए जहाजों को घेरा। चेतावनी के तौर पर फायरिंग करने के बाद कमांडो ने इन जहाजों पर नियंत्रण कर लिया।

जब्त किए गए जहाज: ईरान ने MSC-FRANCESCA और EPAMINODES नामक जहाजों को कब्जे में लिया है। इनमें से एक पर लाइबेरिया और दूसरे पर पनामा का झंडा लगा था।

तीसरे जहाज पर संशय: खबरों के मुताबिक, ग्रीस के एक तीसरे जहाज पर भी हमला हुआ है, हालांकि उसके जब्त होने की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

विवाद की पृष्ठभूमि: मिसाइल सामग्री का दावा

तनाव की शुरुआत 20 अप्रैल को हुई, जब अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर चीन से मिसाइल बनाने का सामान ले जा रहे एक ईरानी जहाज पर हमला कर उसे जब्त कर लिया था। अमेरिकी 'सेंटकॉम' (CENTCOM) ने वर्तमान में उस जहाज को अपने कब्जे में रखा है। ईरान ने इसी कार्रवाई का जवाब देने के लिए होर्मुज में 'नियमों के उल्लंघन' का हवाला देते हुए जवाबी कार्रवाई की है।

ईरान का '12-सूत्रीय मास्टर प्लान': अब खाड़ी में चलेगा ईरानी रियाल

तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान ने अपनी संसद (मजलिस) में एक सख्त 12-सूत्रीय योजना पेश की है। इस बिल के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:

इजराइली जहाजों पर प्रतिबंध: होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी इजराइली जहाज या उनके मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रियाल में टोल: ईरान अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से ईरानी रियाल में टोल (Toll Tax) वसूलने की योजना बना रहा है।

भारी जुर्माना: नियमों का पालन न करने वाले जहाजों को न केवल जब्त किया जाएगा, बल्कि उन पर लदे माल के कुल मूल्य का 20% जुर्माना भी वसूला जाएगा।

"जो भी देश फारस की खाड़ी की संप्रभुता और अस्तित्व को स्वीकार नहीं करेगा, उसे होर्मुज के सामरिक मार्ग का उपयोग करने का अधिकार नहीं होगा।" — ईरानी संसद में पेश बिल का अंश

वैश्विक चिंताएं

दुनिया के एक तिहाई कच्चे तेल का व्यापार होर्मुज के इसी रास्ते से होता है। ईरान की इस सख्त नीति और जहाजों की जब्ती से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने और ईंधन की कीमतों में उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।

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