AI की दुनिया में गूगल का 'सुपरचिप' धमाका: TPU 8i और 8t लॉन्च, 'एजेंटिक एरा' के लिए बदल दी पूरी तकनीक

गूगल क्लाउड नेक्स्ट 2026 में तकनीक की दुनिया के लिए एक बड़ा ऐलान हुआ है। गूगल ने अपने एआई (AI) हार्डवेयर की अगली पीढ़ी को पेश करते हुए न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है, बल्कि उद्योग की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) को भी कड़ी चुनौती दी है।

22 Apr 2026  |  11

 

कैलिफोर्निया | गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य यानी 'एजेंटिक एरा' (Agentic Era) को ध्यान में रखते हुए अपने सबसे शक्तिशाली टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स—TPU 8i और TPU 8t को बाजार में उतार दिया है। ये चिप्स केवल हार्डवेयर नहीं हैं, बल्कि वे इंजन हैं जो आने वाले समय के ऑटोनॉमस एआई एजेंट्स को 'इंसानी रफ्तार' से सोचने और काम करने की शक्ति देंगे।

TPU 8i और TPU 8t: दो चिप्स, दो बड़ी जिम्मेदारियां

गूगल ने इस बार 'वन-साइज-फिट्स-ऑल' की नीति छोड़कर एआई के दो सबसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अलग-अलग स्पेशलाइज्ड चिप्स तैयार किए हैं:

TPU 8t (ट्रेनिंग का मास्टर): इसे जटिल एआई मॉडल्स को 'सिखाने' यानी ट्रेनिंग के लिए बनाया गया है।

यह पिछली पीढ़ी की तुलना में 3 गुना अधिक प्रोसेसिंग पावर और 2 गुना अधिक एनर्जी-एफिशिएंसी प्रदान करता है।

9,600 चिप्स को एक साथ जोड़कर एक विशाल 'सुपर-मशीन' बनाई जा सकती है।

TPU 8i (इन्फरेंस का उस्ताद): इसका मुख्य काम एआई को असल दुनिया में चलाना और यूजर्स को तुरंत जवाब देना है।

गूगल का दावा है कि यह 80% बेहतर 'परफॉर्मेंस प्रति डॉलर' देता है, जिससे कंपनियों के लिए बड़े पैमाने पर एआई एजेंट्स चलाना किफायती होगा।

इसकी गति ऐसी है कि एआई का जवाब बिल्कुल 'रियल-टाइम' महसूस होगा।

एनवीडिया (Nvidia) को सीधी चुनौती: 'फुल-स्टैक' का फायदा

जहाँ एनवीडिया के जीपीयू (GPUs) आज भी गोल्ड स्टैंडर्ड माने जाते हैं, वहीं गूगल के पास एक खास बढ़त है। गूगल खुद ही अपने चिप्स डिजाइन करता है, खुद के डेटा सेंटर्स का मालिक है और खुद ही अपने एआई मॉडल्स (जैसे Gemini 3) लिखता है।

गूगल के चीफ साइंटिस्ट जेफ डीन के अनुसार, चिप्स को ट्रेनिंग या इन्फरेंस के लिए विशेष बनाना ही अब समझदारी है। गूगल का 'फुल-स्टैक' मॉडल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक-दूसरे के लिए 'परफेक्टली ट्यून' करने की सुविधा देता है।

मेटा और एंथ्रोपिक जैसे दिग्गजों ने मिलाया हाथ

गूगल की इस नई तकनीक पर उद्योग के बड़े नामों ने पहले ही भरोसा जताना शुरू कर दिया है:

Meta: फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी ने गूगल के टीपीयू इस्तेमाल करने के लिए मल्टी-बिलियन डॉलर की डील साइन की है।

Anthropic: प्रमुख एआई डेवलपर ने अपने भविष्य के मॉडल्स के लिए 10 लाख टीपीयू तक की एक्सेस हासिल की है।

भविष्य की राह

गूगल ने साफ किया है कि वह ग्राहकों को विकल्प देने के लिए अपने क्लाउड प्लेटफॉर्म पर एनवीडिया के जीपीयू भी उपलब्ध कराता रहेगा, लेकिन 8-सीरीज के साथ कंपनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 'एजेंटिक एआई' के दौर में वह केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरे उद्योग की आधारशिला (Foundation) बनने के लिए तैयार है।

"हमारा लक्ष्य आम जनता तक ऐसा एआई पहुंचाना है जो न केवल स्मार्ट हो, बल्कि प्रतिक्रिया देने में इतना तेज हो कि वह बिल्कुल एक वास्तविक सहायक की तरह काम करे।" — गूगल क्लाउड

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