पंजाब में कृषि क्रांति: बासमती के लिए बनेगा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस', फूलों की खेती में अपनाएंगे डच मॉडल

नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में फसली विविधता (Crop Diversification) को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने पंजाब में डच नीलामी प्रणाली, उच्च स्तरीय लॉजिस्टिक्स और वैश्विक वितरण मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई।

22 Apr 2026  |  8

 

चंडीगढ़/रॉटरडैम | पंजाब की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में फसली विविधता (Crop Diversification) को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और योजनाओं की घोषणा की।

बासमती के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

मुख्यमंत्री मान ने रॉटरडैम में 'एलटी फूड्स' की अत्याधुनिक सुविधा का दौरा किया। इस दौरान पंजाब में बासमती चावल के लिए एक उच्चस्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बासमती का उत्पादन सुनिश्चित करना।

रणनीति: कीटनाशकों के उपयोग को न्यूनतम स्तर पर लाना और वैश्विक बाजारों में पंजाब की बासमती की धाक जमाना।

किसानों को लाभ: इस केंद्र के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित खरीद और टिकाऊ खेती पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने में मदद मिलेगी।

फूलों की खेती का 'डच मॉडल'

भगवंत मान ने दुनिया के सबसे बड़े फूल और पौधा बाजार, आल्समीयर (Aalsmeer) स्थित 'फ्लोरीकल्चर ऑक्शन मार्केट' का भी अध्ययन किया।

नवाचार: मुख्यमंत्री ने पंजाब में डच नीलामी प्रणाली, उच्च स्तरीय लॉजिस्टिक्स और वैश्विक वितरण मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई।

उद्देश्य: पारंपरिक फसलों से हटकर फूलों की खेती (Floriculture) के जरिए कृषि वैल्यू चेन को मजबूत करना और किसानों के मुनाफे में वृद्धि करना।

तकनीक और शोध पर जोर

मुख्यमंत्री ने डच बहुराष्ट्रीय कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। पंजाब अब नीदरलैंड की उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है, जिनमें शामिल हैं:

स्मार्ट खेती: ऑटोमेशन, एआई (AI), और ड्रोन का कृषि में उपयोग।

डेटा प्रबंधन: डेटा आधारित फसल प्रबंधन और ग्रीनहाउस कृषि में नवीनता।

जल दक्षता: नीदरलैंड की विशेषज्ञता के जरिए पानी के उपयोग को कम और प्रभावी बनाना।

निवेश के लिए 'फास्टट्रैक पंजाब'

विदेशी निवेशकों और डच अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगतिशील नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने 'औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026' और 'फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल' की जानकारी दी, जो निवेशकों के लिए समयबद्ध और पारदर्शी मंजूरियां सुनिश्चित करते हैं।

"पंजाब के किसानों ने देश के लिए अपने पानी और उपजाऊ भूमि का अत्यधिक उपयोग किया है। अब समय है कि हम टिकाऊ खेती की ओर बढ़ें। नीदरलैंड की विशेषज्ञता और पंजाब के किसानों की मेहनत मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।" — भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

इस दौरे से उम्मीद की जा रही है कि पंजाब की कृषि न केवल अधिक लाभकारी बनेगी, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होगी।

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