बूथों पर उमड़ा जनसैलाब, सुबह 9 बजे तक बंगाल में 18.76% और तमिलनाडु में 17.69% मतदान

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। दोनों ही राज्यों में लोगों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत दे रही है कि मतदाता अपनी सरकार चुनने के लिए पूरी तरह सजग हैं

23 Apr 2026  |  2

 

कोलकाता/चेन्नई: भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय लिखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मतदाता अपने भविष्य का फैसला करने के लिए उत्साह के साथ घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

मतदान के शुरुआती रुझान: बंगाल और तमिलनाडु में बढ़त

सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी18.76% जा रही हैं। सुबह 9 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण - 152 सीटें): 18.76% मतदान

तमिलनाडु (सभी 234 सीटें): 17.69% मतदान

दोनों ही राज्यों में लोगों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत दे रही है कि मतदाता अपनी सरकार चुनने के लिए पूरी तरह सजग हैं।

पश्चिम बंगाल: "सनातन और परिवर्तन" के मुद्दे पर गरमाई सियासत

पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भाजपा के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अपना वोट डालने के बाद राज्य की स्थिति पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा:

"अगर इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ, तो यहाँ सनातन संस्कृति खतरे में पड़ जाएगी। चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर गुंडागर्दी की खबरें हैं। मेरे एक पोलिंग एजेंट को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।"

अधिकारी ने दावा किया कि इस बार जनता ने मन बना लिया है और परिणाम चौंकाने वाले होंगे।

तमिलनाडु: मुख्यमंत्री स्टालिन ने सपरिवार किया मतदान

दक्षिण के दुर्ग तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर आज एक साथ मतदान हो रहा है। मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चेन्नई में अपने परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुँचकर वोट डाला। उनके साथ उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद रहे। उंगली पर लगी स्याही दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे भारी संख्या में आकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

डीएमके का "मिशन 200+": के.एन. नेहरू का बड़ा दावा

तिरुचिरापल्ली में राज्य मंत्री और डीएमके के प्रमुख सचिव के.एन. नेहरू ने पार्टी की जीत को लेकर अटूट विश्वास जताया। उन्होंने कहा:

डेल्टा क्षेत्र का लक्ष्य: डीएमके डेल्टा क्षेत्र की सभी 41 सीटों पर क्लीन स्वीप करने के लिए तैयार है।

कुल बहुमत: पार्टी को भरोसा है कि मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में गठबंधन राज्य की 200 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करेगा।

नेहरू ने इस चुनाव को सामान्य बताते हुए कहा कि विपक्षी दलों से उन्हें कोई बड़ी चुनौती नजर नहीं आ रही है।

निष्कर्ष: शाम तक चलने वाली इस चुनावी प्रक्रिया पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। एक तरफ बंगाल में 'परिवर्तन और पहचान' की लड़ाई है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में 'द्रविड़ राजनीति' के वर्चस्व की परीक्षा। अब देखना यह है कि ईवीएम (EVM) में कैद यह जनादेश 2026 के राजनीतिक भविष्य को किस दिशा में मोड़ता है।

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