कोलकाता / पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल की सियासत के लिए आज का दिन निर्णायक है। महीनों से जारी तीखे वाकयुद्ध और चुनावी शोर के बाद आज राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान जारी है। लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेने के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो बंगाल के सियासी मिजाज और जनता के उत्साह को बयां कर रही हैं।
मतदान का शुरुआती रुझान: उत्साह चरम पर
सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आंकड़ों की बात करें तो सुबह 9 बजे तक 18.76% मतदान दर्ज किया जा चुका था। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, लोकतंत्र की यह गूंज स्पष्ट सुनाई दे रही है।
ईवीएम की तकनीकी खराबी ने बिगाड़ा खेल
एक तरफ जहां मतदाताओं में जोश दिखा, वहीं दूसरी ओर कई केंद्रों पर ईवीएम (EVM) में आई तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया में बाधा आई। कई बूथों पर घंटों तक वोटिंग रुकी रही, जिससे मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख प्रभावित केंद्र:
मुर्शिदाबाद: बेलडांगा के पारसलिका मदनमोहन प्राइमरी स्कूल (बूथ नंबर 156) में ईवीएम खराब होने से मतदान रोकना पड़ा। वहीं शमशेरगंज (बूथ 212) और कंडी (बूथ 130) में भी देरी से शुरुआत हुई।
नंदीग्राम: हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम के बिरुलिया में भी तकनीकी खामियां सामने आईं।
उत्तर बंगाल: कूचबिहार के टाउन हाई स्कूल (बूथ 229) में लगभग एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। मालदा के हबीबपुर और सिलीगुड़ी के मार्गरेट स्कूल में भी मशीनें दगा दे गईं।
जब मतदान केंद्र पर पहुंचे 'गजराज'
इस चुनावी गहमागहमी के बीच झारग्राम से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। यहां एक मतदान केंद्र के समीप अचानक एक जंगली हाथी के आ जाने से हड़कंप मच गया। हाथी को देखते ही मतदाताओं में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा के लिहाज से लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन इस घटना ने मतदान के रोमांच को और बढ़ा दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
152 सीटों पर हो रहे इस मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त बल तैनात है। अब देखना यह होगा कि शाम तक मतदान का यह प्रतिशत किस ऊंचाई तक पहुँचता है और बंगाल की जनता सत्ता की चाबी किसके हाथों में सौंपने का मन बनाती है।