बंगाल में हिंसा के साए में भारी मतदान, तमिलनाडु में लगभग शांतिपूर्ण वोटिंग

पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, दोनों ही राज्यों में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बंगाल में मतदान का प्रतिशत चौंकाने वाला है। सुबह 11 बजे तक राज्य में 41.11% मतदान दर्ज किया गया है। तमिलनाडु में चुनावी माहौल बेहद शांत और व्यवस्थित है। यहाँ सुबह 11 बजे तक 37.56% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है।

23 Apr 2026  |  2

 

नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई: देश में चुनावी शंखनाद के साथ ही लोकतंत्र के उत्सव का आगाज़ हो चुका है। पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, दोनों ही राज्यों में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, जहाँ बंगाल में तनावपूर्ण माहौल के बावजूद 'बंपर' वोटिंग हो रही है, वहीं तमिलनाडु की जनता शांति और सौहार्द के साथ मतदान केंद्रों पर उमड़ रही है।

पश्चिम बंगाल: हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान की रफ्तार तेज़

बंगाल में मतदान का प्रतिशत चौंकाने वाला है। सुबह 11 बजे तक राज्य में 41.11% मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि, उत्साह के साथ-साथ तनाव की खबरें भी सुर्खियों में हैं।

तनाव और हिंसा: कई इलाकों से बमबाजी और उम्मीदवारों के घेराव की खबरें आई हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।

सबसे आगे पश्चिमी मेदिनीपुर: राज्य में पश्चिमी मेदिनीपुर 44.69% वोटिंग के साथ सबसे आगे है, जबकि मालदा 38.22% के साथ फिलहाल सबसे पीछे है।

प्रमुख जिलों का हाल: * झारग्राम: 43.71%

बांकुरा: 43.22%

पूर्वी मेदिनीपुर: 42.16%

मुर्शिदाबाद: 41.59%

तमिलनाडु: शांतिपूर्ण मतदान, तिरुपुर ने मारी बाजी

दक्षिण के दुर्ग तमिलनाडु में चुनावी माहौल बेहद शांत और व्यवस्थित है। यहाँ सुबह 11 बजे तक 37.56% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है।

प्रमुख आंकड़े: तिरुपुर में सबसे अधिक 42.45% मतदान हुआ है, जबकि राजधानी चेन्नई में अब तक 35.47% वोटिंग हुई है। सबसे धीमी गति रामनाथपुरम (34.02%) में देखी गई।

अन्य जिलों की स्थिति: इरोड में 41%, करूर में 39.70% और डिंडिगुल में 39.05% मतदान दर्ज किया गया है।

वोटिंग प्रतिशत के पीछे का 'गणित' और सियासी सिग्नल

इस बार वोटिंग प्रतिशत में उछाल के पीछे निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान को एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि: सूची से मृतकों और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कारण डेटा अब अधिक सटीक है, जिससे प्रतिशत बढ़ा हुआ दिख रहा है। हालांकि, यह 'ताबड़तोड़' वोटिंग राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी है, क्योंकि भारी मतदान अक्सर बड़े बदलाव का संकेत माना जाता है।

एक नज़र में मतदान की स्थिति (सुबह 11 बजे तक)

राज्यकुल मतदान (%)सबसे अधिक मतदान वाला जिलासबसे कम मतदान वाला जिला
पश्चिम बंगाल41.11%पश्चिमी मेदिनीपुर (44.69%)मालदा (38.22%)
तमिलनाडु37.56%तिरुपुर (42.45%)रामनाथपुरम (34.02%)

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निर्वाचन आयोग लगातार स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है ताकि शेष घंटों का मतदान निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

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