वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी संघर्ष में सैन्य विफलताओं और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मिली हार ने पेंटागन में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक नाटकीय कदम उठाते हुए नेवल सेक्रेटरी जॉन फेलन को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। पिछले 25 दिनों के भीतर बर्खास्त होने वाले वह चौथे बड़े सैन्य अधिकारी हैं।
होर्मुज की नाकेबंदी तोड़ने में विफल रहे फेलन
जॉन फेलन, जो पिछले डेढ़ साल से इस महत्वपूर्ण पद पर थे, उन पर ईरान की समुद्री घेराबंदी को ध्वस्त न कर पाने का ठीकरा फोड़ा गया है।
करीबी रिश्तों पर भारी पड़ा युद्ध: फेलन को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अत्यंत करीबी माना जाता था। अक्सर मार-ए-लागो रिजॉर्ट में ट्रंप के साथ दिखने वाले फेलन को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पद से हटाकर कड़ा संदेश दिया है।
आरोप: उन पर 'कमांड' को दरकिनार करने और युद्ध में अपेक्षित परिणाम न दे पाने के गंभीर आरोप हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे 'स्वैच्छिक इस्तीफा' बताया जा रहा है।
अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में बड़ी दरार: 4 अफसरों की विदाई
ईरान युद्ध में मिल रही असफलताओं के कारण अमेरिकी सेना के शीर्ष नेतृत्व में 'क्लीन स्वीप' की स्थिति है। पिछले 25 दिनों में बर्खास्त किए गए अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
| अधिकारी का नाम | पद |
|---|---|
| जॉन फेलन | नेवल सेक्रेटरी |
| जनरल रेंडी जॉर्ज | आर्मी चीफ |
| मेजर जनरल डेविड होंडले | युद्ध कमान अधिकारी |
| मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर | सैन्य रणनीतिकार |
ग्राउंड जीरो से हकीकत: पेंटागन के दावों की खुली पोल
भले ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि होर्मुज के बाहर 10,000 सैनिक तैनात हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है:
सुरक्षा घेरा टूटा: 'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते बुधवार (22 अप्रैल) को अमेरिका की कथित नाकेबंदी के बावजूद 34 ईरानी जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज से गुजर गए। अमेरिकी नौसेना इन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम रही।
कूटनीतिक हार: मंगलवार (21 अप्रैल) को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में ईरान ने शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। ईरान के इस कड़े रुख के बावजूद, अमेरिका ने अपनी कमजोरी छिपाने के लिए एकतरफा युद्धविराम (Ceasefire) को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है।
ट्रंप की मजबूरी: चुनाव या युद्ध?
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप अब इस युद्ध से जल्द से जल्द बाहर निकलना चाहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन (Midterm Elections) हैं।
ट्रंप को डर है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है और पेट्रोल की कीमतें कम नहीं होतीं, तो उनकी पार्टी को चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिना किसी औपचारिक समझौते के 'अनिश्चितकालीन युद्धविराम' को ट्रंप की 'एग्जिट स्ट्रैटेजी' के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष: नेवल सेक्रेटरी की बर्खास्तगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि महाशक्ति अमेरिका, ईरान की समुद्री गुरिल्ला रणनीति और 'माइंस' के बिछाए जाल में उलझ कर रह गया है। यह न केवल सैन्य विफलता है, बल्कि ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती भी बन गई है।