नई दिल्ली। वैश्विक अशांति और कूटनीतिक हलचलों के बीच भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुई फायरिंग से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादित टिप्पणियों तक, हर अहम मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा।
1. होर्मुज में फायरिंग: भारतीय चालक दल सुरक्षित
होर्मुज जलडमरूमध्य में दो विदेशी जहाजों पर हुई फायरिंग के बाद भारत में चिंता की लहर थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया:
फायरिंग का शिकार हुए दोनों जहाज विदेशी ध्वज वाले थे।
इन जहाजों के चालक दल में कुछ भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।
भारत सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
2. ट्रंप की 'Hell on Earth' टिप्पणी पर भारत की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर एक 'एंटी-इमिग्रेशन' पोस्ट साझा करने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस पोस्ट में भारत और चीन को 'धरती पर नरक' कहा गया था।
MEA का जवाब: प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संक्षिप्त लेकिन सधे हुए अंदाज में कहा, "हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। मैं बस इतना ही कहूंगा।" भारत ने इस मुद्दे पर फिलहाल किसी बड़ी कूटनीतिक बहस में उलझने से परहेज किया है।
विपक्ष का हमला: कांग्रेस पार्टी ने इस टिप्पणी को 'भारत विरोधी' करार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि वे इस अपमानजनक बयान के खिलाफ सख्त रुख अपनाएं।
3. 'क्रिप्टो पेमेंट' की खबरों का खंडन: "यह पूरी तरह फेक न्यूज है"
सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि भारतीय तेल टैंकर 'सनमार हेराल्ड' के कप्तान ने सुरक्षित रास्ते के लिए क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया था।
जहाजरानी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के बीच किसी भी भारतीय जहाज ने कोई भुगतान नहीं किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही इन खबरों को "फेक न्यूज" बताते हुए कहा कि जहाज के कप्तान द्वारा ठगों को पैसे देने की बात पूरी तरह निराधार है।
4. भारतीयों के लिए बड़ी राहत: फ्रांस ने खत्म की ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता
भारत ने फ्रांस सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है, जिससे भारतीय यात्रियों का अंतरराष्ट्रीय सफर आसान हो जाएगा।
नया नियम: 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी, साधारण पासपोर्ट रखने वाले भारतीयों को फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र (International Transit Zone) से गुजरने के लिए अब 'एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा' की जरूरत नहीं होगी।
यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो फ्रांस के रास्ते तीसरे देश की यात्रा करते हैं और केवल एयरपोर्ट के लेओवर जोन में रुकते हैं।
निष्कर्ष
एक ओर जहाँ भारत अपनी वैश्विक कूटनीति को संतुलित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी के तनावपूर्ण जलमार्गों में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रंप की टिप्पणियों पर भारत का 'मौन' रणनीतिक धैर्य का परिचायक माना जा रहा है, जबकि फ्रांस के साथ वीजा छूट भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर को दर्शाती है।