हरियाणा के गन्ना किसानों को सौगात: चौड़ी कतार विधि पर अब मिलेगी ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि

'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के तहत ₹2,000 की बढ़ोतरी; मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा को मिली हरी झंडी।

09 May 2026  |  61

 

चंडीगढ़ |  हरियाणा सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के तहत अब उन किसानों को ₹5,000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों (Wide Row Spacing) में गन्ने की बुवाई करेंगे। पहले यह राशि ₹3,000 प्रति एकड़ थी, जिसमें अब ₹2,000 का इजाफा किया गया है।

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा पर अमल

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में इस प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसे अब राज्य सरकार ने आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मंत्री ने कहा, "हरियाणा का किसान राज्य की आर्थिक स्थिरता का आधार है। उन्हें मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है।"

आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा

किसानों को बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए समयबद्ध तरीके से आवेदन करना होगा:

आवेदन की अवधि: 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पोर्टल के माध्यम से।

सत्यापन: फरवरी 2027 के अंत तक कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

भुगतान: सत्यापन सफल होने के बाद राशि सीधे किसानों के खाते में भेज दी जाएगी।

एकल-आंख विधि और मशीनीकरण पर जोर

सरकार न केवल कतारों की दूरी, बल्कि आधुनिक बुवाई विधियों को भी बढ़ावा दे रही है:

एकल-आंख विधि (Single-Bud Method): इस तकनीक से गन्ने की बिजाई करने पर भी अब ₹5,000 प्रति एकड़ मिलेंगे (पहले ₹3,000)।

शुगरकेन हार्वेस्टर: प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को गन्ने की कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध कराएगी, जिससे श्रम लागत में कमी आएगी।

मुफ्त पौध और टिश्यू कल्चर तकनीक

गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार टिश्यू कल्चर तकनीक का सहारा ले रही है।

करनाल सहकारी चीनी मिल में टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ने की उन्नत पौध तैयार की जाएगी।

यह पौध किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएगी।

किसान अक्टूबर से दिसंबर के बीच मिल से यह पौध प्राप्त कर सकते हैं।

उपस्थिति: बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, निदेशक राज नारायण कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से न केवल गन्ने की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

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