नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आधुनिक कनेक्टिविटी के बीच संतुलन बनाने के लिए निवेश का बड़ा खाका तैयार किया है।
1. अन्नदाता को संबल: खरीफ MSP के लिए ₹2.60 लाख करोड़
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है।
बड़ा निवेश: इसके लिए कुल ₹2.60 लाख करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
लक्ष्य: धान, दालों और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करना ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सकें और उन्हें फसल का लाभकारी मूल्य मिल सके।
2. रेल कनेक्टिविटी: सारखेज-ढोलेरा सेमी हाई-स्पीड प्रोजेक्ट
गुजरात के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कैबिनेट ने सारखेज-ढोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को हरी झंडी दी है।
परियोजना लागत: ₹20,665 करोड़।
फायदा: यह रेल लाइन 'ढोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र' (SIR) को सीधे जोड़ेगी, जिससे माल ढुलाई तेज होगी और औद्योगिक निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
3. ऊर्जा सुरक्षा: ₹37,500 करोड़ की कोल गैसीफिकेशन योजना
ऊर्जा के क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने कोल गैसीफिकेशन योजना को मंजूरी दी है।
तकनीक: इस योजना के तहत कोयले को गैस में परिवर्तित कर ऊर्जा और रसायनों का उत्पादन किया जाएगा।
विज़न: यह कदम 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य और स्वच्छ ईंधन की दिशा में भारत को आगे बढ़ाएगा। इसकी कुल लागत ₹37,500 करोड़ आंकी गई है।
4. एविएशन हब: नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कायाकल्प
महाराष्ट्र के लिए बड़े फैसले के रूप में नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है।
सुविधाएं: एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
महत्व: इससे नागपुर देश के एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे विदर्भ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
एक नजर में मुख्य फैसले:
| योजना/परियोजना | स्वीकृत बजट | मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| खरीफ MSP 2026-27 | ₹2.60 लाख करोड़ | किसानों को फसलों का उचित दाम और बेहतर आय। |
| कोल गैसीफिकेशन | ₹37,500 करोड़ | स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और ईंधन आयात में कमी। |
| सारखेज-ढोलेरा रेल | ₹20,665 करोड़ | उद्योगों को सेमी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी। |
| नागपुर एयरपोर्ट | नीतिगत मंजूरी | अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर पर्यटन। |
निष्कर्ष:
आज के फैसले स्पष्ट करते हैं कि सरकार का ध्यान न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर है, बल्कि वह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार कर रही है। इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में देश की जीडीपी और रोजगार दर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।