नई दिल्ली: देश में 'डिजिटल अरेस्ट' और साइबर फ्रॉड के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसने आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की भी नींद उड़ा दी है। अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस गंभीर चुनौती से निपटने और नागरिकों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कुछ समय पहले 'Abhay' (अभय) नाम का एक अनूठा AI-पावर्ड हेल्पबॉट लॉन्च किया है। आइए जानते हैं कि यह चैटबॉट क्या है, इसे क्यों बनाया गया है और यह आपकी सुरक्षा कैसे करता है।
क्यों पड़ी 'CBI अभय' की जरूरत?
आज के दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद खौफनाक तरीका निकाला है—डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest)। भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम का कोई कानूनी प्रावधान या अस्तित्व है ही नहीं। इसके बावजूद, जालसाज सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों के नाम पर फर्जी कानूनी नोटिस भेजकर लोगों को डराते हैं।
एक बार जब पीड़ित डर के मारे उनकी बातों में आ जाता है, तो ये ठग वीडियो कॉल के जरिए उस पर कई दिनों तक नजर रखते हैं और जमानत या केस रफा-दफा करने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। एआई और डीपफेक के कारण असली और नकली नोटिस में अंतर करना आम जनता के लिए असंभव हो गया था। इसी खाई को पाटने के लिए सरकार और सीबीआई ने मिलकर 'अभय' को मैदान में उतारा है।
क्या काम करता है यह चैटबॉट?
'CBI अभय' मुख्य रूप से एक नोटिस वेरिफिकेशन चैटबॉट है। इसका प्राथमिक काम नागरिकों को मिले किसी भी संदिग्ध सीबीआई नोटिस या समन की सत्यता की जांच करना है। अगर आपके पास सीबीआई के नाम से कोई ईमेल, मैसेज या पत्र आता है, तो आप इस चैटबॉट की मदद से तुरंत पता लगा सकते हैं कि वह असली है या किसी स्कैमर की चाल।
कैसे करें 'CBI Abhay' का इस्तेमाल? (Step-by-Step Guide)
इस चैटबॉट का इस्तेमाल करना बेहद आसान और पूरी तरह से सुरक्षित है। आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर इसका लाभ उठा सकते हैं:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले सीबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट www.cbi.gov.in पर लॉग इन करें।
बैनर पर क्लिक करें: होमपेज खुलते ही आपको सबसे ऊपर 'Abhay' का एक बड़ा बैनर दिखाई देगा। इस बैनर पर क्लिक करें।
वेरिफिकेशन शुरू करें: क्लिक करते ही एक नया पेज (पोर्टल) खुल जाएगा, जहाँ आप चैटबॉट के जरिए अपने नोटिस को वेरीफाई कर सकते हैं और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
सीबीआई की देशवासियों को सख्त सलाह
सीबीआई ने 'अभय' पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करते हुए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं: अगर कोई खुद को अधिकारी बताकर आपको डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देता है, तो तुरंत समझ जाएं कि वह फ्रॉड है।
पैसे ट्रांसफर न करें: जमानत, कागजी कार्रवाई या किसी भी तरह के वेरिफिकेशन के बहाने किसी भी अज्ञात बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
यहाँ दर्ज कराएं शिकायत: यदि आपके साथ ऐसा कोई भी प्रयास होता है, तो बिना डरे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, नई दिल्ली।