AI की रेस में गूगल से सालों पीछे छूटा ऐप्पल! एंड्रॉयड 17 ने बढ़ाई टेंशन, अब 'WWDC 2026' पर टिकीं सबकी निगाहें

एआई की जंग में आमने-सामने दो दिग्गज: एंड्रॉयड 17 के सामने क्यों पिछड़ रहा है आईओएस, क्या 'WWDC 2026' में बाजी पलट पाएगा ऐप्पल?

19 May 2026  |  66

 

सिलिकॉन वैली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियां—गूगल (Google) और ऐप्पल (Apple)—एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी हैं। गूगल जहां एक के बाद एक एआई माइलस्टोंस हासिल कर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऐप्पल इस मोर्चे पर लगातार संघर्ष करता नजर आ रहा है। गूगल द्वारा अपने नए एंड्रॉयड 17 (Android 17) अपडेट में एडवांस एआई फीचर्स पेश किए जाने के बाद, दोनों कंपनियों के बीच की खाई अब साफ-साफ दिखाई देने लगी है।

हालत यह है कि खुद को एआई रेस में बनाए रखने के लिए ऐप्पल ने अपनी वॉयस असिस्टेंट 'सिरी' (Siri) समेत कई अन्य फीचर्स के लिए प्रतिद्वंद्वी गूगल के साथ ही हाथ मिलाया है।

गूगल से 1-2 साल पीछे है आईफोन मेकर: मार्क गुरमैन

ऐप्पल के अंदरूनी मामलों और टेक डेवेलपमेंट्स पर पैनी नजर रखने वाले ब्लूमबर्ग के मशहूर टेक जर्नलिस्ट मार्क गुरमैन (Mark Gurman) की ताजा रिपोर्ट आईफोन लवर्स को परेशान करने वाली है।

दूरी पाटने में लगेंगे साल: गुरमैन के मुताबिक, एआई के विकास के मामले में गूगल के बराबर पहुंचने में ऐप्पल को कम से कम 1 से 2 साल का समय और लग जाएगा।

अंतर बढ़ रहा है: मजेदार बात यह है कि साल 2024 में गुरमैन ने ऐप्पल को गूगल से 2-3 साल पीछे बताया था। ऐप्पल ने रफ्तार तो पकड़ी है, लेकिन समस्या यह है कि जब तक ऐप्पल मौजूदा स्तर पर पहुंचेगी, तब तक गूगल और अन्य एआई कंपनियां तकनीक को एक नए स्तर पर ले जा चुकी होंगी।

ऐप्पल सिर्फ वादे कर रहा, गूगल ने कर दिया रोल आउट

एंड्रॉयड 17 और आईओएस के मौजूदा इकोसिस्टम की तुलना करें, तो यह अंतर बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है:

अधूरे वादे: ऐप्पल ने साल 2024 में घोषणा की थी कि वह अपने इन-बिल्ट ऐप्स और सर्विसेज में एआई को गहराई से इंटीग्रेट करेगा और एआई-जनरेटेड होम स्क्रीन विजेट्स लाएगा। लेकिन, ये फीचर्स आज भी केवल कागजों और टेस्टिंग फेज में ही अटके हैं।

गूगल की बाजी: दूसरी ओर, गूगल ने इन सभी फीचर्स (जैसे- ऐप्स के भीतर मुश्किल टास्क ऑटोमैटिक संभालना और स्मार्ट टूल्स) को एंड्रॉयड 17 के जरिए यूजर्स के स्मार्टफोन्स तक रोल आउट भी कर दिया है।

WWDC 2026: ऐप्पल के लिए 'करो या मरो' की स्थिति

अगले महीने यानी जून 2026 में ऐप्पल की सालाना वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC 2026) होने जा रही है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार यह इवेंट ऐप्पल के भविष्य के लिए 'करो या मरो' (Do or Die) जैसा साबित होने वाला है।

यदि ऐप्पल इस कॉन्फ्रेंस में कोई क्रांतिकारी एआई तकनीक नहीं दिखा पाता है, तो उसे न सिर्फ बाजार में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि अपने प्रीमियम यूजर्स को भी जवाब देना होगा।

WWDC में क्या बड़ा धमाका कर सकता है ऐप्पल?

लीक्स और रिपोर्ट्स की मानें तो ऐप्पल ने इस इवेंट के लिए पूरी ताकत झोंक दी है:

न्यू-एज 'सिरी' (Siri): इवेंट में गूगल के Gemini AI मॉडल से लैस नई सिरी की पहली आधिकारिक झलक दिखाई जा सकती है, जो चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे एडवांस चैटबॉट्स को सीधी टक्कर देगी।

प्राइवेसी फर्स्ट: ऐप्पल अपने कोर यूएसपी (प्राइवेसी) को ध्यान में रखते हुए इसमें 'ऑटो चैट डिलीट' जैसे सुरक्षा फीचर्स दे सकता है।

iOS 27 के साथ एंट्री: इस नए एआई पावर्ड सिरी आर्किटेक्चर को सितंबर 2026 में आने वाले iOS 27 के साथ आधिकारिक तौर पर दुनिया भर के आईफोन्स में रोल आउट किया जा सकता है।

गूगल के आज के दबदबे के बीच, अब पूरी दुनिया की नजरें अगले महीने ऐप्पल के पाले में होने वाले इस बड़े मुकाबले पर टिकी हैं।

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