नई दिल्ली: बजट में सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) बढ़ाए जाने के बाद आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसी दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों ने जिस तेजी से कीमतें बढ़ाईं, उसका सीधा और नकारात्मक असर अब बाजार पर दिखने लगा है। बढ़ती महंगाई के कारण उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है, जिसके चलते चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों (अप्रैल-मई) में सिगरेट की कुल बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में लोग अब सिगरेट पीना तो नहीं छोड़ रहे, लेकिन अपना बजट संभालने के लिए महंगे ब्रांड्स को छोड़कर तेजी से सस्ते विकल्पों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।
पॉकेट पैक से लेकर किंग साइज तक: कितनी बढ़ी कीमतें?
ब्रोकरेज फर्म बीएंडके सिक्योरिटीज (B&K Securities) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले चुनिंदा पॉकेट पैक्स और प्रीमियम सेगमेंट की कीमतों में बड़ा इजाफा किया है:
गॉडफ्रे फिलिप्स: कंपनी ने अपने लोकप्रिय ‘पॉकेट मार्लबोरो’ (Pocket Marlboro) के दाम ₹70 से बढ़ाकर सीधे ₹85 कर दिए हैं।
ITC (आईटीसी): कंपनी ने ‘गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार’ (Gold Flake Superstar) की कीमत ₹70 से बढ़ाकर ₹79 कर दी है।
किंग-साइज सेगमेंट: आईटीसी का ‘क्लासिक’ या ‘गोल्ड फ्लेक किंग्स’ और गॉडफ्रे फिलिप्स का ‘मार्लबोरो’ किंग-साइज, जो पहले ₹20 प्रति सिगरेट के आसपास मिलता था, अब उसके दाम बढ़कर ₹25 से ₹28 प्रति सिगरेट तक पहुंच गए हैं।
बिक्री घटने का असली कारण: 30-40% बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
बाजार में आई इस अचानक सुस्ती की मुख्य वजह 1 फरवरी, 2026 को बजट में लिया गया सरकार का एक सख्त फैसला है। सरकार ने सिगरेट पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 30 से 40 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी थी। कंपनियों ने इस अतिरिक्त टैक्स के पूरे बोझ को खुद उठाने के बजाय सीधे ग्राहकों की जेब पर डाल दिया।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, इसका सबसे तगड़ा झटका ‘प्रीमियम किंग-साइज’ कैटेगरी को लगा है। कंपनियों के कुल रेवेन्यू (राजस्व) में इस किंग-साइज सेगमेंट का 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान होता है, इसलिए इसमें आई गिरावट ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
कंपनियों के मुनाफे (Margin) पर मंडराया खतरा
ग्राहकों के सस्ते ब्रांड्स की तरफ मुड़ने से इन कंपनियों की बैलेंस शीट और मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की आशंका है:
मार्जिन में गिरावट का अनुमान: बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि ग्राहकों के इस व्यवहार के चलते वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में सिगरेट कंपनियों के मार्जिन में 800 बेसिस पॉइंट्स तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। यह आईटीसी जैसी कंपनी के लिए बड़ा झटका हो सकता है, जिसका सिगरेट मार्जिन आमतौर पर 70 प्रतिशत के करीब रहता है।
बाजार में शेयरों का हाल: गिरावट के बावजूद स्थिरता
बिक्री में 20% की इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद, शेयर बाजार में इन कंपनियों के स्टॉक्स पर कोई पैनिक (घबराहट) नहीं देखा गया और दोनों कंपनियों के शेयर मामूली बढ़त के साथ बंद हुए:
गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips): एनएसई (NSE) पर कंपनी का शेयर ₹49.10 (2.12%) की बढ़त के साथ ₹2,364.00 पर बंद हुआ।
ITC (आईटीसी): कंपनी का शेयर ₹1.20 (0.39%) की मामूली बढ़त के साथ ₹311.35 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनियां अपने मार्जिन को बचाने के लिए कीमतों को वापस थोड़ा कम करती हैं या ग्राहक इसी तरह सस्ते लोकल ब्रांड्स की तरफ आकर्षित होते रहेंगे।