रोम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के अंतिम पड़ाव पर इटली की राजधानी रोम पहुंच गए हैं, जहाँ इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस ऐतिहासिक दौरे के बीच दोनों वैश्विक नेताओं ने भारत और इटली के संबंधों को एक 'निर्णायक मोड़' पर बताते हुए इसे महज एक सौहार्दपूर्ण दोस्ती से आगे विशेष रणनीतिक साझेदारी (Special Strategic Partnership) में तब्दील करने का एलान किया है।
दोनों नेताओं ने भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए एक संयुक्त लेख साझा किया है। इसमें उन्होंने साफ किया कि बदलती अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के बीच दोनों लोकतांत्रिक देश मिलकर 21वीं सदी की समृद्धि, सुरक्षा और रणनीतिक संप्रभुता को आकार देंगे।
2029 तक 20 अरब यूरो के व्यापार का रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी और पीएम मेलोनी ने दोनों देशों की औद्योगिक शक्तियों को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों दिशाओं में निवेश को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
महा-लक्ष्य: दोनों देशों ने साल 2029 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो (लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
फोकस सेक्टर: इस व्यापारिक विस्तार में रक्षा, एयरोस्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव पुर्जे, मशीनरी, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
'मेक इन इंडिया' संग 'मेड इन इटली': वर्तमान में दोनों देशों में 1,000 से अधिक इतालवी और भारतीय उद्योग सक्रिय हैं, जो वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती दे रहे हैं।
AI क्रांति: इंसानों द्वारा, इंसानों के लिए
तकनीकी नवाचार को इस साझेदारी का मुख्य केंद्र बताते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि आने वाला दशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल बुनियादी ढांचे के नाम रहेगा।
"भारत का 'मानव' (MANAV) दृष्टिकोण—जिसमें तकनीक के केंद्र में इंसान को रखा जाता है, वह इटली के मानवतावादी 'एल्गोर-एथिक्स' (Algor-ethics) के बिल्कुल अनुकूल है। हमारा डिजिटल सहयोग यह सुनिश्चित करेगा कि AI का इस्तेमाल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बदलने या मानवाधिकारों को कमजोर करने के लिए न हो, बल्कि यह सामाजिक सशक्तिकरण का जरिया बने।" — पीएम मोदी और पीएम मेलोनी (संयुक्त लेख से)
यह दूरदर्शी सोच नई दिल्ली में आयोजित हुए AI इम्पैक्ट समिट 2026 और इटली की G7 अध्यक्षता के साझा संकल्पों को दर्शाती है।
अंतरिक्ष से लेकर समंदर की सुरक्षा तक साझा मोर्चा
भारत की शानदार सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और इटली की उत्कृष्ट एयरोस्पेस इंजीनियरिंग मिलकर अब अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करेंगी। इसके अलावा, दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध व मानव तस्करी जैसे वैश्विक खतरों से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ऊर्जा और IMEC कॉरिडोर पर दांव
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (GBA) में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ दोनों नेताओं ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रांसपोर्ट, डिजिटल नेटवर्क और मजबूत एनर्जी सप्लाई चेन के जरिए एशिया और यूरोप को जोड़ने के इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए दोनों देश पूरी तरह तैयार हैं।