ट्रेनों में आग की घटनाओं के पीछे ‘असामाजिक तत्वों’ का हाथ: रेलवे का बड़ा खुलासा, यात्रियों के लिए अलर्ट जारी

कैचलाइन: शॉर्ट सर्किट नहीं, साजिश! पटरियों पर दौड़ती जिंदगी को निशाना बनाने वालों पर रेलवे सख्त, संदिग्धों की सूचना के लिए डायल करें 139।

20 May 2026  |  64

 

नई दिल्ली। भारतीय रेल को दहलाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के पीछे किसी तकनीकी गड़बड़ी का नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों का हाथ होने का एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रेनों में आग लगने की कई संदिग्ध घटनाएं दर्ज की गई थीं। जब रेलवे प्रशासन ने इन मामलों की गहराई से जांच की, तो परत-दर-परत कई सनसनीखेज खुलासे हुए।

साजिश की कड़ियां: जांच में सामने आए ये चौंकाने वाले तथ्य

रेलवे द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में हुई आगजनी की घटनाओं के पीछे सीधे तौर पर मानवीय शरारत और साजिश के सबूत मिले हैं:

अमरपुरा (राजस्थान): यहां ट्रेन के कोच के भीतर रखे बिस्तर के सामान (चादरों) में जानबूझकर आग लगाने का प्रयास किया गया था।

हावड़ा (पश्चिम बंगाल): स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

कोटा (राजस्थान): प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से अचानक लपटें निकलती देखी गईं, जिसके पीछे भी असामाजिक तत्वों का हाथ होने की आशंका है।

सासाराम (बिहार): सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक खाली कोच के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति को जलती हुई वस्तु फेंककर भागते देखा गया था। हालांकि, शुरुआती जांच में इसे शॉर्ट सर्किट का रूप देने की कोशिश की गई थी।

रतलाम में बाल-बाल बचे थे 68 यात्री, प्रभावित हुआ था रेल यातायात

रेलवे का यह बड़ा बयान मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के एक वातानुकूलित (AC) कोच में लगी भीषण आग के कुछ दिनों बाद आया है।

घटना का विवरण: यह हादसा सुबह करीब 5:15 बजे विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशनों के बीच हुआ था। ट्रेन के B-1 कोच में अचानक आग भड़क उठी, जिसमें 68 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि समय रहते मुस्तैदी दिखाने से किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

इस घटना का एक भयावह वीडियो भी सामने आया था, जिसमें ट्रेन से अलग किए गए कोच से काले धुएं के घने गुबार आसमान छूते नजर आ रहे थे। आग इतनी भीषण थी कि ट्रैक के पास लगे पेड़ भी इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे के कारण इस मुख्य रूट पर रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था, जिससे कम से कम 18 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा।

रेलवे की यात्रियों से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

इन लगातार हो रही संदिग्ध घटनाओं को देखते हुए भारतीय रेलवे ने देश भर के यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। रेलवे ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान आपकी एक सजग नजर किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।

क्या करें यात्री? अगर सह-यात्री या कोई बाहरी व्यक्ति ट्रेन के भीतर ज्वलनशील पदार्थ ले जाता दिखे या कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत कदम उठाएं।

आपातकालीन नंबर: किसी भी अप्रिय घटना या संदेह की स्थिति में तुरंत रेलवे की आधिकारिक हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके सूचना दें।

रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है और इन घटनाओं में शामिल दोषियों को बेनकाब करने के लिए स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय तेज कर दिया है।

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