NEET-UG पेपर लीक में CBI का महा-खुलासा: लातूर के कोचिंग संचालक का ₹1500 करोड़ का साम्राज्य, 15-15 लाख में सौदा

'मॉक टेस्ट के सारे सवाल परीक्षा में आ गए!'— अमीर छात्रों को छांटकर 15 दिनों की 'स्पेशल मेंटरिंग' में रटवाए जाते थे लीक पेपर के जवाब।

20 May 2026  |  67

 

 

नई दिल्ली / लातूर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ एक ऐसा सनसनीखेज सिंडिकेट लगा है, जिसने पूरे शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। जांच में महाराष्ट्र के लातूर स्थित 'रेनुकाई करियर सेंटर' (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का नाम सामने आया है, जिसका कथित पेपर लीक नेटवर्क से पुराना नाता है। सूत्रों के मुताबिक, इस कोचिंग माफिया का साम्राज्य करीब 1500 करोड़ रुपये का है।

सीबीआई को पुख्ता संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क पिछले साल (NEET 2025) भी सक्रिय था और तब भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र इस सेंटर तक पहुंच गया था।

'अमीर और मेधावी' छात्रों का होता था चयन, 15 दिनों में रटवाते थे जवाब

जांच में सामने आया है कि शिवराज मोटेगांवकर बेहद शातिर तरीके से अपना जाल बुनता था। वह अपने कोचिंग में से ऐसे छात्रों को चुनता था जो पढ़ाई में औसत से बेहतर हों और जिनके परिवार आर्थिक रूप से बेहद मजबूत (अमीर) हों।

वन-ऑन-वन मेंटरिंग: डील फाइनल होने के बाद, परीक्षा के आखिरी 15 दिनों में इन चुनिंदा छात्रों को 'विशेष निगरानी' में रखा जाता था।

वीडियो सबूत: आरोप है कि पेपर लीक होते ही छात्रों को बुलाकर प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए जाते थे। सीबीआई को इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े कुछ पुख्ता वीडियो भी हाथ लगे हैं।

वायरल वीडियो का सच: इस बीच मोटेगांवकर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसकी कोचिंग की एक छात्रा यह कहती सुनाई दे रही है कि "मॉक टेस्ट वाले सभी सवाल मुख्य एग्जाम में आए थे।"

NEET 2025 में मिली थी 'संदिग्ध' सफलता: पिछले साल इस सेंटर (RCC) से पढ़ने वाले कई छात्रों ने एम्स (AIIMS) में दाखिला पाया था। कुल 19 छात्रों का चयन विभिन्न एम्स संस्थानों में हुआ था, जिनमें से 2 छात्र एम्स दिल्ली, 5 एम्स हैदराबाद और 3-3 छात्र भोपाल व वाराणसी पहुंचे थे। अब यह पूरी कामयाबी शक के घेरे में है।

₹15 लाख प्रति छात्र का खेल: ऐसे जुड़ा था दिल्ली-जयपुर-पुणे नेटवर्क

सीबीआई की तफ्तीश में देशव्यापी नेटवर्क की परतें उघड़ रही हैं। जांच के अनुसार, गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को नीट का पेपर बेचा था, जिसे यह पेपर नासिक के शुभम खैरनार से मिला था।

पुणे कनेक्शन: मोटेगांवकर सालों से पुणे की एक ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में था। प्रोफेसर कुलकर्णी पहले मोटेगांवकर की कोचिंग में पढ़ा भी चुका है।

छापेमारी और जब्ती: इस पुणे-लातूर नेटवर्क के जरिए प्रति छात्र ₹15 लाख लेकर लीक पेपर बेचे जाने का शक है। 19 मई को सीबीआई ने नागपुर में दो संदिग्ध छात्रों के घरों पर छापेमारी कर मोबाइल, लैपटॉप और हस्तलिखित नोट्स (Handwritten Notes) समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को हुई रद्द; अब 21 जून को री-एग्जाम

इस साल NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश-विदेश के सैकड़ों केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को 7 मई को गड़बड़ी का पता चला, जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। लगातार मिलते सबूतों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।

परीक्षा से जुड़े मुख्य घटनाक्रमतारीख
NEET-UG 2026 परीक्षा का आयोजन3 मई 2026
गड़बड़ी की पहली आधिकारिक सूचना7 मई 2026
देशव्यापी भारी विरोध के बाद परीक्षा रद्द12 मई 2026
आगामी री-एग्जाम (Re-Exam) की तिथि21 जून 2026

 

शिक्षा मंत्री के निर्देश: री-एग्जाम हो पूरी तरह 'फुलप्रूफ'

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट री-एग्जाम की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 21 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और 'फुलप्रूफ' होनी चाहिए। पिछली परीक्षा की तमाम कमियों को जड़ से खत्म करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, सीबीआई अब इस गैंग के नए मोहरे 'विवेक पाटिल' और एनटीए (NTA) के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की जांच में जुट गई है।

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