मध्य पूर्व संकट के बीच BPCL का बड़ा कदम: रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाकर किया 41%, मुनाफे में 28% का उछाल

तनाव के बीच सरकारी तेल कंपनी ने बदला गेम प्लान; जुलाई 2026 तक कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित, वित्त वर्ष 27 के लिए ₹25,000 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य।

20 May 2026  |  48

 

नई दिल्ली। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संकट के बीच भारत की दिग्गज सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपनी आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) की खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। मौजूदा समय में बीपीसीएल के कुल तेल आयात बास्केट में अकेले रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 41 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है।

कंपनी के डायरेक्टर फाइनेंस वीआरके गुप्ता ने बुधवार को इस रणनीतिक कदम और कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों की आधिकारिक जानकारी साझा की।

रूस पर बढ़ी निर्भरता: लगातार तिमाहियों में ऐसे बदला आंकड़ा

निदेशक वीआरके गुप्ता के अनुसार, मध्य पूर्व के संकट को देखते हुए कंपनी ने जोखिम कम करने के लिए अपने तेल स्रोतों में विविधता लाई है। अगर पिछली कुछ तिमाहियों पर नजर डालें, तो भारत पेट्रोलियम के आयात में रूसी तेल का ग्राफ तेजी से बढ़ा है:

वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025): रूसी तेल की हिस्सेदारी महज 25 प्रतिशत थी।

वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026): यह बढ़कर 31 प्रतिशत पर पहुंची।

मौजूदा स्थिति (मई 2026): रूस से आयात का यह आंकड़ा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 41 प्रतिशत पर जा पहुंचा है।

जुलाई 2026 तक देश में तेल की सप्लाई सुरक्षित:

गुप्ता ने कॉन्फ्रेंस कॉल में निवेशकों और पक्षकारों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हमने इस साल चार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों से आठ नए ग्रेड के कच्चे तेल को अपने बास्केट में शामिल किया है। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आगामी जुलाई 2026 तक के लिए कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित कर ली गई है।" रूस के अलावा कंपनी अमेरिका और वेनेजुएला जैसे देशों से भी लगातार तेल खरीद रही है।

वित्त वर्ष 27 के लिए ₹25,000 करोड़ का मेगा बजट (कैपेक्स)

कंपनी ने भविष्य के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपने पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure - कैपेक्स) के बजट को भारी बढ़ावा दिया है।

वित्तीय वर्षपूंजीगत खर्च (CapEx) का लक्ष्यस्थिति
वित्त वर्ष 2025-26₹20,400 करोड़वास्तविक खर्च
वित्त वर्ष 2026-27 (FY27)₹25,000 करोड़नया बजटीय लक्ष्य

 

मार्च तिमाही के नतीजे: मुनाफे में 28% की शानदार सालाना ग्रोथ

बीपीसीएल ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी और अंतिम तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, जो बाजार की उम्मीदों के मुताबिक बेहद मजबूत रहे हैं:

सालाना आधार पर मुनाफा (YoY): मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर ₹5,624.54 करोड़ हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹4,391.83 करोड़ था।

तिमाही आधार पर मुनाफा (QoQ): हालांकि, अगर क्रमिक (तिमाही-दर-तिमाही) आधार पर देखें, तो मुनाफे में 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में कंपनी का मुनाफा ₹7,188.40 करोड़ रहा था।

वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बावजूद बीपीसीएल का यह प्रदर्शन भारतीय ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पर एक राहत भरी और मजबूत खबर है।

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