नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर और मध्य भारत इस समय भीषण और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के कोने-कोने तक आसमान से आग बरस रही है। दिल्ली में जहां मई महीने की पिछले 14 वर्षों में सबसे गर्म रात दर्ज की गई है, वहीं उत्तर प्रदेश का बांदा जिला लगातार चौथे दिन दुनिया का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली में 'ऑरेंज अलर्ट' और यूपी के 11 जिलों में लू का 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
दिल्ली में टूटे रिकॉर्ड: रात में भी राहत नहीं
राजधानी दिल्ली में सूरज ढलने के बाद भी तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 31.9°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.2°C अधिक है। पिछले 14 वर्षों में मई महीने का यह सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। इससे पहले 26 मई 2012 को न्यूनतम तापमान 32.5°C दर्ज किया गया था।
प्रमुख स्टेशनों पर पारे का हाल:
सफदरजंग: 31.9°C (सामान्य से 5.2°C अधिक)
रिज: 30.6°C (सामान्य से 4.4°C अधिक)
पालम: 30.5°C (सामान्य से 3.4°C अधिक)
लोधी रोड: 29.6°C (सामान्य से 4.6°C अधिक)
क्या होती है 'गर्म रात' (Warm Night)?
मौसम विभाग के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब दिन का अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक रहे और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5°C से 6.4°C तक अधिक दर्ज हो।
दिल्ली में दिन का पारा 46°C तक पहुंचने की आशंका है। इस बीच, सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 153 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है।
यूपी में हाहाकार: दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 40 अकेले उत्तर प्रदेश के
उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक हालात बेहद गंभीर हैं। दुनिया के टॉप 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में अकेले यूपी के 40 शहर शामिल हैं।
बांदा बना दुनिया का 'हॉटस्पॉट'
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और शुष्क हवाओं के चलने से बांदा लगातार चौथे दिन दुनिया का सबसे गर्म शहर बना रहा, जहां अधिकतम तापमान 48°C तक पहुंच गया है।
अन्य शहरों में पारे का टॉर्चर:
प्रयागराज: 46.4°C
हमीरपुर: 46.2°C
झांसी: 45.9°C
उरई: 45.2°C
बुलंदशहर: 45.0°C
लखनऊ: दिन का पारा 43.2°C और रात का 28.8°C रहा। वहीं, फतेहगढ़ में रात का तापमान 30°C रहने के साथ वहां सबसे गर्म रात दर्ज की गई।
बिजली-पानी का संकट गहराया, अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भीड़
इस भीषण गर्मी का सीधा असर जनजीवन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), उल्टी-दस्त, चक्कर आने और बेहोशी के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही कई जिलों में बिजली और पानी की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे बिजली ग्रिडों पर दबाव बढ़ गया है।
"तापमान में अभी और भी बढ़ोतरी हो सकती है। सीधी धूप और लू से बचें। दोपहर में घरों में ही रहें। यदि मजबूरी में निकलना पड़े तो शरीर को पूरी तरह ढककर निकलें।"
— दिनेश साहा, मौसम विज्ञानी, बांदा
डॉक्टरों की विशेष सलाह: लू से कैसे बचें?
बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
धूप से दूरी: दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें, कभी भी खाली पेट घर से बाहर न जाएं।
खान-पान में बदलाव: तला-भुना, मसालेदार भोजन और फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज करें। हल्का और सुपाच्य भोजन लें।
हाइड्रेटेड रहें: पानी, छाछ, ओआरएस (ORS) और अन्य तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। एक बार में ज्यादा खाने से बचें।
पहनावा: ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय चेहरे और सिर को सूती कपड़े या टोपी से जरूर ढकें।