ऋषिकेश में शिक्षा का मंदिर शर्मसार: सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर दो नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

स्कूल से सहमी हुई घर लौटीं 13 और 14 वर्षीय छात्राएं; परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शुरू की गंभीर जांच, आरोपी फरार।‌

21 May 2026  |  89

 

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक (प्रिंसिपल) पर अपने ही स्कूल की दो नाबालिग छात्राओं के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगा है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए ऋषिकेश पुलिस ने पीड़ित छात्राओं के परिजनों की शिकायत पर आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

स्कूल से सहमी हुई लौटी थीं छात्राएं: ऐसे खुला मामला

जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्राओं की उम्र महज 13 और 14 वर्ष है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मंगलवार को स्कूल से घर लौटने के बाद एक छात्रा बेहद डरी और सहमी हुई थी। बेटी की मानसिक स्थिति को भांपते हुए जब उसके पिता ने प्यार से उससे बातचीत की, तब पीड़ित बच्ची का दर्द छलक पड़ा।

छात्रा ने परिजनों को बताया कि स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उसके और उसकी सहेली के साथ गलत व्यवहार (छेड़छाड़) किया है। लोकलाज और डर के साये से बाहर निकलते हुए जब परिजन इस बात की शिकायत और जानकारी लेने स्कूल पहुंचे, तो आरोपी प्रधानाध्यापक वहां से नदारद मिला। इसके बाद पीड़ित छात्रा के पिता ने सीधे कोतवाली पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

मासूम बच्चियों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लिया। ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है।

"यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कानून के मुताबिक मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है।"

कैलाश चंद्र भट्ट, प्रभारी निरीक्षक (ऋषिकेश कोतवाली)

इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल निलंबन और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अन्य खबरें