सैमसंग संकट: बोनस विवाद के बाद 48 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाने को तैयार, हिल सकती है वैश्विक एआई चिप सप्लाई चेन

मैनेजमेंट और यूनियन की बातचीत फेल, शेयर बाजार में गिरावट; प्रतिद्वंदी कंपनी SK Hynix से तुलना ने भड़काई कर्मचारियों की नाराजगी।

21 May 2026  |  66

 

अंतरराष्ट्रीय और व्यापारिक डेस्क: दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े श्रमिक संकट से गुजर रही है। बोनस भुगतान को लेकर मैनेजमेंट और कर्मचारी यूनियन के बीच कई दौर की बातचीत पूरी तरह विफल हो चुकी है। इसके बाद अब कंपनी के करीब 48 हजार कर्मचारी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति के इस दौर में, जब दुनिया भर में पहले से ही हाई-टेक चिप्स की भारी किल्लत है, सैमसंग में होने वाली यह हड़ताल न सिर्फ कंपनी बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है।

बोनस विवाद: ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 15% हिस्सेदारी की मांग

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़े टकराव की मुख्य वजह बोनस भुगतान की नीतियां हैं।

य्यूनियन की मांग: सैमसंग यूनियन की मांग है कि बोनस पर लगी अधिकतम सीमा (Cap) को पूरी तरह खत्म किया जाए और कंपनी के सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 15 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों को बोनस के रूप में दिया जाए।

बातचीत टूटने की वजह: यूनियन लीडर चोई सियुंग हो ने बताया कि वे सरकार की मध्यस्थता वाले अंतिम प्रस्ताव पर सहमत थे, लेकिन कंपनी आखिरी मौके पर पीछे हट गई।

सैमसंग का रुख: दूसरी तरफ, सैमसंग मैनेजमेंट का कहना है कि यूनियन की मांगें तर्कहीन हैं और इन्हें स्वीकार करने से कंपनी के बुनियादी संचालन सिद्धांतों (Operating Principles) को नुकसान पहुंचेगा। इस विवाद की खबर आते ही शेयर बाजार में सैमसंग के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और एआई इंडस्ट्री पर मंडराया खतरा

सैमसंग सिर्फ एक कंपनी नहीं है, बल्कि यह दक्षिण कोरिया के कुल निर्यात (Total Exports) का लगभग एक-चौथाई (25%) हिस्सा संभालती है।

आर्थिक विशेषज्ञों की चेतावनी: दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो देश की आर्थिक विकास दर (GDP) में 0.5 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने संकेत दिए हैं कि हड़ताल को बलपूर्वक रोकने के लिए 'इमरजेंसी आर्बिट्रेशन' (आपातकालीन मध्यस्थता) कानून लागू किया जा सकता है।

एआई इंडस्ट्री में इस समय हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की मांग चरम पर है। ऐसे में सैमसंग का उत्पादन रुकने से वैश्विक बाजार में चिप्स की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

प्रतिद्वंदी 'SK Hynix' से तुलना ने घी में डाला तेल

सैमसंग के कर्मचारियों में पनपे इस आक्रोश की एक बड़ी वजह उनकी मुख्य प्रतिद्वंदी कंपनी SK Hynix भी है। यूनियन का दावा है कि पिछले साल SK Hynix के कर्मचारियों को सैमसंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा बोनस मिला। इसी वेतन विसंगति के कारण सैमसंग के कई अनुभवी इंजीनियर्स और कर्मचारी कंपनी छोड़कर SK Hynix का रुख कर रहे हैं।

गौरतलब है कि SK Hynix ने एआई चिप्स के बाजार में बड़ी बढ़त हासिल कर रखी है और वह इस समय एनवीडिया (Nvidia) जैसी दिग्गज कंपनियों को अपनी चिप्स सप्लाई कर रही है।

निष्कर्ष: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हड़ताल एक-दो दिनों में समाप्त हो जाती है, तो वैश्विक सप्लाई पर सीमित असर पड़ेगा। लेकिन अगर यह गतिरोध लंबा चला, तो इससे न सिर्फ मेमोरी चिप्स महंगी होंगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी डगमगाएगा, जिसका सीधा असर आने वाले समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों पर दिख सकता है।

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