58,500 से अधिक उपभोक्ताओं ने सरेंडर किए LPG सिलेंडर; सरकार ने कहा— 'अफवाहों से बचें'

पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल-डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध; फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, 3,316 की हुई वतन वापसी।

21 May 2026  |  65

 

आर्थिक और राष्ट्रीय डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में ईंधन की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश भर के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। नागरिकों से घबराहट में आकर खरीदारी (Panic Buying) न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की गई है।

इसी बीच, देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है, जिसके तहत 20 मई 2026 तक 58,500 से अधिक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं ने अपने दोहरे एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर दिए हैं।

बुकिंग से ज्यादा हो रही है सिलेंडरों की डिलीवरी

गैस संकट के डर को खारिज करते हुए मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर बताया कि देश में मांग से ज्यादा आपूर्ति की जा रही है:

रिकॉर्ड डिलीवरी: पिछले तीन दिनों में देश भर में लगभग 1.32 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई। अकेले बुधवार को भी 45.36 लाख बुकिंग के सामने 47.51 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए।

कालाबाजारी पर लगाम: गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) प्रणाली को कड़ा किया गया है। वर्तमान में डीएसी-आधारित डिलीवरी का आंकड़ा 96 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे सिलेंडर सिर्फ पंजीकृत मोबाइल नंबर वाले सही उपभोक्ता तक ही पहुंच रहा है।

छोटे सिलेंडरों की मांग: छोटे उपभोक्ताओं और प्रवासियों की सहूलियत के लिए पिछले तीन दिनों में 5 किलोग्राम वाले लगभग 1.87 लाख एफटीएल (FTL) सिलेंडर बेचे गए हैं।

तेजी से बढ़ रहा है पीएनजी (PNG) का नेटवर्क

देश में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने के लिए पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मार्च 2026 से लेकर अब तक करीब 7.64 लाख नए पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि 2.81 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों का बुनियादी ढांचा तैयार है। इसके साथ ही, लगभग 7.99 लाख नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए अपना पंजीकरण कराया है, जो घरेलू रसोई में आ रहे बदलाव को दर्शाता है।

फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पुख्ता

समुद्री व्यापार मार्ग पर उपजे तनाव के बीच पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने देश को आश्वस्त किया है कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट:

सभी नाविक सुरक्षित: विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशनों के आपसी समन्वय के चलते क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 72 घंटों में भारतीय ध्वज वाले या भारतीय चालक दल वाले किसी भी विदेशी जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है।

सुरक्षित स्वदेश वापसी: महानिदेशक शिपिंग (DG Shipping) के प्रयासों से अब तक 3,316 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वतन वापस लाया जा चुका है।

सरकार के इन कदमों और आंकड़ों से साफ है कि देश में न तो ईंधन की कोई कमी है और न ही अंतरराष्ट्रीय संकट का घरेलू आपूर्ति पर कोई असर पड़ने दिया जा रहा है।

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