नई दिल्ली। देश की सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नाम आज एक और स्वर्णिम और ऐतिहासिक कीर्तिमान दर्ज हो गया है। बीएसएफ की पूरी तरह से महिला पर्वतारोहियों वाली टीम ने गुरुवार सुबह चुनौतीपूर्ण माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस साहसी दल ने न केवल 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर फतह हासिल की, बल्कि वहां से पूरे जोश के साथ राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का गायन कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
सुबह 8 बजे पूरा हुआ 'मिशन एवरेस्ट'
बीएसएफ के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, महिला जाँबाजों के इस दल ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह ठीक 8:00 बजे एवरेस्ट के शिखर पर कदम रखा।
6 अप्रैल को हुई थी रवानगी: इस दल को दिल्ली से 6 अप्रैल को अपने पहले एवरेस्ट अभियान के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।
महानिदेशक ने बढ़ाया हौसला: बल के महानिदेशक (DG) प्रवीण कुमार ने रेडियो लिंक के माध्यम से सीधे एवरेस्ट चोटी पर मौजूद महिलाकर्मियों से बात की और इस ऐतिहासिक सफलता के लिए पूरे दल को बधाई दी।
🇮🇳 देश के कोने-कोने से आई ‘नारी शक्ति’ की चौकड़ी
इस पूरी तरह से महिला पर्वतारोहण टीम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आईं चार जांबाज महिला कॉन्स्टेबल शामिल थीं, जिन्होंने दुर्गम रास्तों को पार कर यह मुकाम हासिल किया:
कॉन्स्टेबल मुनमुन घोष (पश्चिम बंगाल)
कॉन्स्टेबल कौसर फातिमा (लद्दाख)
कॉन्स्टेबल रबेका सिंह (उत्तराखंड)
कॉन्स्टेबल सेरिंग चोरोल (कारगिल)
दोहरे जश्न का गवाह बना एवरेस्ट का शिखर
यह अभियान सिर्फ एक पर्वतारोहण नहीं, बल्कि दो बेहद खास अवसरों को समर्पित एक राष्ट्रीय श्रद्धांजलि था:
BSF का हीरक जयंती (Diamond Jubilee) वर्ष।
वर्ष 2026 में राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" की 150वीं वर्षगांठ।
गृह मंत्री अमित शाह ने की सराहना: इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बधाई देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— "नारी शक्ति ने बीएसएफ की अजेय ताकत को साबित कर दिया है। बल की डायमंड जुबली मनाते हुए, उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की और आसमान में वंदे मातरम गाया, जिससे हिम्मत, देशभक्ति और लगन की एक अनोखी मिसाल कायम हुई। टीम के सभी सदस्यों को मेरा सलाम।"
BSF: देश की सुरक्षा का मजबूत कवच
साल 1965 में गठित करीब 2.7 लाख कर्मियों वाला सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्य रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की संवेदनशील सीमाओं की रक्षा करता है। इसके साथ ही, बल देश की आंतरिक सुरक्षा में भी समय-समय पर अपनी महत्वपूर्ण और अग्रणी भूमिका निभाता रहा है, और अब खेल व साहसिक अभियानों में भी इसकी बेटियों ने वैश्विक पटल पर परचम लहरा दिया है।