मुंबई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (ग्लोबल टेंशन) और ऊर्जा संरक्षण (एनर्जी बचाने) की सरकारी अपील को ध्यान में रखते हुए देश के मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है। सेबी ने अपने कर्मचारियों के लिए सीमित स्तर पर वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब बाजार को रेगुलेट करने वाले कई अधिकारी घर बैठे ही शेयर बाजार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
एक प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सेबी द्वारा जारी यह विशेष एडवाइजरी 25 मई 2026 से आगामी आठ हफ्तों तक प्रभावी रहेगी।
रोटेशन के आधार पर मिलेगा फायदा, ग्रेड A से C तक के अफसरों को छूट
इस नई व्यवस्था के तहत सेबी ने अपने आंतरिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ नियम तय किए हैं:
किन्हें मिलेगी अनुमति: ग्रेड A से ग्रेड C तक के अधिकारियों (असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर और असिस्टेंट जनरल मैनेजर) को रोटेशन के आधार पर हफ्ते में एक दिन घर से काम करने की छूट मिलेगी।
50% उपस्थिति अनिवार्य: प्रत्येक विभाग में कम से कम 50 प्रतिशत अधिकारियों की फिजिकली ऑफिस में मौजूदगी अनिवार्य रखी गई है। इसके लिए विभाग प्रमुखों और रीजनल डायरेक्टरों को रोटेशन लिस्ट तैयार करने को कहा गया है।
इन अधिकारियों को नियमित आना होगा ऑफिस
सेबी ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होगी। सुरक्षा और गोपनीयता की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों को इस छूट से बाहर रखा गया है:
डिप्टी जनरल मैनेजर (ग्रूप D) और उससे ऊपर के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से ऑफिस आना होगा। इसके अतिरिक्त, सेबी चेयरमैन, फुल-टाइम मेंबर्स के दफ्तर से जुड़े कर्मचारी और सेक्रेटेरियल स्टाफ भी दफ्तर से ही अपनी सेवाएं देंगे।
डेटा सिक्योरिटी और इंटरनल इवेंट्स पर कड़े निर्देश
बाजार की संवेदनशीलता को देखते हुए घर से काम करने वाले सभी कर्मचारियों को डेटा सिक्योरिटी और पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें तुरंत ऑफिस पहुंचने के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है।
इसके अलावा, ऊर्जा बचाने की इस मुहिम को गति देने के लिए सेबी ने अगले आठ हफ्तों तक अपने तमाम गैर-जरूरी आंतरिक कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस दौरान किसी भी प्रकार के ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन, कॉन्क्लेव और सोशल गेट-टुगेदर (मेलजोल के कार्यक्रम) आयोजित नहीं किए जाएंगे।
विशेष नोट: इस आंतरिक व्यवस्था से शेयर बाजार के निवेशकों या दैनिक ट्रेडिंग के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बाजार का रेगुलेशन और कामकाज हमेशा की तरह सुचारू रूप से जारी रहेगा।