फिल्मी नहीं, हकीकत: अमिताभ और आमिर के साथ स्क्रीन शेयर करने वाला एक्टर निकला खूंखार कातिल, 12 साल बाद गिरफ्तार!

पैरोल मिलते ही जेल से भागा, नाम बदलकर 'स्पंदन मोदी' बना और 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' जैसी कई बड़ी फिल्मों में किया काम; सोशल मीडिया से दूरी भी नहीं आई काम!

22 May 2026  |  93

 

अहमदाबाद: रील लाइफ और रियल लाइफ के बीच का अंतर कभी-कभी इतना धुंधला हो जाता है कि अच्छे-अच्छे स्क्रिप्ट राइटर भी हैरान रह जाएं। बॉलीवुड और गुजराती सिनेमा में छोटे-बड़े किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता स्पंदन मोदी की असल जिंदगी की कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। सालों तक कैमरे के सामने एक्टिंग का हुनर दिखाने वाला यह चेहरा असल जिंदगी में मर्डर का दोषी निकला, जो पिछले 12 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार था। आखिरकार, पुलिस ने उसे दबोच लिया है।

कौन है यह 'बहुरूपिया' एक्टर?

फिल्मी दुनिया में स्पंदन मोदी के नाम से मशहूर इस शख्स का असली नाम हेमंत नागिंदास पुरुषोत्तम दास मोदी है, जो मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है।

क्या था जुर्म? साल 2005 में नरेंद्र उर्फ ​​नैनो यशवंत कांबले नाम के व्यक्ति की हत्या हुई थी। इस मामले में 2008 में अदालत ने हेमंत, उसके भाई सचिन मोदी और 5 अन्य लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

कैसे हुआ फरार? करीब 6 साल जेल में काटने के बाद, 25 जुलाई 2014 को गुजरात हाई कोर्ट ने हेमंत को 30 दिनों की पैरोल (जेल से अस्थायी रिहाई) दी थी। लेकिन पैरोल खत्म होने के बाद वह कभी जेल वापस नहीं लौटा और गायब हो गया।

पटना से मुंबई तक: पहचान बदलने का खेल

जेल से भागने के बाद हेमंत ने खुद को कानून की नजरों से छिपाने के लिए एक सुनियोजित स्क्रिप्ट तैयार की:

वह सबसे पहले पटना भागा और अपना नाम बदलकर 'ट्विंकल मुकुंद दवे' रख लिया।

कुछ समय बाद वह अहमदाबाद आया और एक प्राइवेट नौकरी करने लगा। यहीं उसने एक्टिंग के शौक के चलते थिएटर (रंगमंच) जॉइन कर लिया।

इसके बाद उसने मायानगरी मुंबई का रुख किया और अपना नया नाम 'स्पंदन मोदी' रख लिया।

अमिताभ, आमिर और रणवीर सिंह के साथ किया काम

मुंबई आने के बाद हेमंत उर्फ स्पंदन को अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर काम मिलने लगा। उसने किसी को भनक तक नहीं लगने दी कि वह एक भागा हुआ कैदी है। उसने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों और नाटकों में काम किया:

बड़ी फिल्में: आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’, रणवीर सिंह की ‘जयेशभाई जोरदार’ और आदित्य रॉय कपूर-सारा अली खान की आगामी फिल्म ‘मेट्रो इन दिनों’

क्षेत्रीय सिनेमा: मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की चर्चित फिल्म ‘एल2: एम्पुरान’ और लगभग 20 गुजराती फिल्में।

थिएटर और वेब सीरीज: लोकप्रिय नाटक ‘युगपुरुष’, ‘गांधी बनाम गोडसे’ और वेब सीरीज ‘टास्करी’। वह सनी देओल की आने वाली फिल्म ‘लाहोर 1947’ का भी हिस्सा था।

न सोशल मीडिया, न परिवार; फिर कैसे चढ़ा हत्थे?

हेमंत जानता था कि पुलिस उसे ढूंढ रही है, इसलिए उसने अपनी पुरानी जिंदगी से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे। फरार होने के बाद उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और परिवार से कोई संपर्क नहीं रखा। वह किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं था ताकि कोई उसे ट्रैक न कर सके।

हुलिए ने खोला राज: साल 2025 में हेमंत कुछ काम से वापस अहमदाबाद लौटा था। इतने सालों बाद भी पुलिस की खुफिया टीम अलर्ट थी। पुलिस को उसके शारीरिक ढांचे (फिजीक) और चेहरे के हाव-भाव पर शक हुआ। जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने टूटकर अपना जुर्म और असली पहचान कबूल कर ली।

12 साल तक फिल्मों में कानून और पुलिस को चकमा देने वाले इस अपराधी का 'द एंड' आखिरकार सलाखों के पीछे ही हुआ।

अन्य खबरें