चुपचाप बड़ा बदलाव: गूगल ने बदली Gemini ऐप की यूसेज लिमिट, अब मेसेज नहीं 'टोकन और कम्प्यूट' पर कटेगा आपका कोटा!

कॉम्प्लेक्स प्रॉम्प्ट और वीडियो जनरेशन से मिनटों में खत्म हो रही है लिमिट; भड़के यूजर्स बोले– "गूगल ने जेमिनी को बर्बाद कर दिया"

22 May 2026  |  51

 

टेक डेस्क: टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने एआई चैटबॉट जेमिनी (Gemini) ऐप की यूसेज लिमिट पॉलिसी में बिना किसी बड़े शोर-शराबे के एक बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है। कंपनी अब मेसेज काउंट (प्रति मेसेज) आधारित पुरानी व्यवस्था को हटाकर 'कम्प्यूट-बेस्ड यूसेज लिमिट' (Compute-Based Usage Limit) अप्रोच अपना रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब यूजर्स की लिमिट इस बात से तय होगी कि उनका प्रॉम्प्ट कितना जटिल है और उसमें कितने टोकन या कम्प्यूटेशनल पावर का इस्तेमाल हो रहा है।

इस गुपचुप बदलाव के लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर दुनिया भर के यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि वे पहले की तुलना में बहुत तेजी से अपनी 'रेट लिमिट' (यूसेज सीमा) पर पहुंच रहे हैं।

ईमेल के जरिए दी जानकारी, ब्लॉग पर नहीं किया कोई ऐलान

गूगल ने इस बड़े बदलाव की जानकारी किसी पब्लिक ब्लॉग या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय सीधे यूजर्स को ईमेल भेजकर दी है। गैजेट्स 360 को मिले एक आधिकारिक ईमेल के मुताबिक, गूगल ने साफ किया है कि:

"Gemini ऐप अब कम्प्यूट-बेस्ड यूसेज लिमिट का इस्तेमाल करेगा, जो आपके प्रॉम्प्ट की कॉम्प्लेक्सिटी (जटिलता), आपके द्वारा यूज किए जाने वाले फीचर्स और आपकी चैट की लंबाई (टोकन कंजम्पशन) को ध्यान में रखेगा।"

इसके साथ ही कंपनी ने एक वीकली (साप्ताहिक) लिमिट और नया यूसेज डैशबोर्ड भी जोड़ा है। हालांकि, किस फीचर पर कितना कम्प्यूट खर्च होगा, इसका कोई तय स्टैंडर्ड पैमाना नहीं बताया गया है। सपोर्ट पेज के अनुसार, अलग-अलग सब्सक्रिप्शन टियर्स के लिए लिमिट्स को इस तरह बांटा गया है:

स्टैंडर्ड लिमिट: फ्री टियर

2x स्टैंडर्ड लिमिट: AI Plus

4x स्टैंडर्ड लिमिट: AI Pro

5x / 20x स्टैंडर्ड लिमिट: AI Ultra ($100 और $200 प्लान)

अकेले एक वीडियो जनरेशन में उड़ गई 26% लिमिट: टेस्टिंग रिपोर्ट

चूंकि गूगल ने कोई सटीक कैलकुलेटर नहीं दिया, इसलिए मीडिया पब्लिकेशन्स द्वारा 'AI Pro' सब्सक्रिप्शन पर की गई टेस्टिंग में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

इमेज जनरेशन: 'Nano Banana Pro' के जरिए एक इमेज बनाने पर 5-घंटे के कोटे का 1% खत्म हुआ।

डीप रिसर्च: 'Gemini 3.1 Pro (Extended)' का इस्तेमाल करके एक डीप रिसर्च करने पर 5-घंटे की लिमिट का 5% हिस्सा उड़ा।

वीडियो जनरेशन: सबसे तगड़ा झटका 'Veo 3' मॉडल से लगा, जहां महज एक सिंगल वीडियो जनरेट करने पर 5 घंटे की लिमिट का 26% यूसेज एक बार में ही साफ हो गया।

ध्यान रहे कि यह खपत बेहद बेसिक प्रॉम्प्ट्स पर थी। यदि प्रॉम्प्ट में वेब एक्सेस, एजेंटिक टूल्स, थर्ड-पार्टी कनेक्टर्स या गूगल डेटा हब्स (Gmail, Drive) का इस्तेमाल किया जाए, तो खपत कई गुना बढ़ जाएगी।

सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा

इस बदलाव के बाद रेडिट (Reddit) और एक्स (X) पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है:

रेडिट यूजर (u/EatandDie001): "सिर्फ एक सिंगल प्रॉम्प्ट, जिसमें मैंने अपने NotebookLM + Google Doc का रेफरेंस शामिल किया था, उसने मेरे मौजूदा यूसेज का 47% हिस्सा खा लिया। सिर्फ एक छोटे से प्रॉम्प्ट ने!"

एक्स यूजर (@TimJayas): "गूगल ने जेमिनी को बर्बाद कर दिया है। प्रो 'स्टैंडर्ड थिंकिंग' मॉडल के साथ बस 5 प्रॉम्प्ट्स यूज किए और लिमिट का 54% पहले ही खत्म हो गया। और अगर आप Gemini Omni यूज कर रहे हैं, तो समझो आप पूरी तरह गए काम से।"

एक अन्य यूजर (u/ClumpofCheese): "ऐसा लगता है जैसे उन्होंने इसे माइक्रो-ट्रांजैक्शन्स वाले किसी गेम जैसा बना दिया है। अब आपको थोड़ा और काम करने के लिए हर पांच घंटे में वापस आना होगा।"

गूगल के इस कदम से साफ है कि एआई मॉडल्स को चलाने में लग रही भारी-भरकम कम्प्यूटेशनल लागत (Infrastructure Cost) का बोझ अब कंपनी यूजर्स के कोटे पर डाल रही है, जिससे हैवी एआई यूजर्स के लिए काम करना काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।

अन्य खबरें