डिजिटल हरियाणा: अब आधार की तर्ज पर मिलेगा 'PPP स्मार्ट कार्ड', क्यूआर कोड स्कैन करते ही घर बैठे मिलेंगी योजनाएं

नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति; क्रिड (CRID) ला रहा है पीपीपी 2.0 प्लेटफॉर्म, डुप्लीकेसी और धोखाधड़ी पर लगेगा पूरी तरह अंकुश।

23 May 2026  |  91

 

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार प्रदेश के नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में अब लोगों को आधार कार्ड की तर्ज पर 'परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) स्मार्ट कार्ड' दिए जाएंगे। इस नए स्मार्ट कार्ड के माध्यम से क्यूआर (QR) आधारित त्वरित प्रमाणीकरण संभव होगा, जिससे सरकारी विभागों में मात्र एक टैप के जरिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अब नागरिकों को किसी भी काम के लिए कागजी दस्तावेज या मैनुअल खोज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

PPP 2.0 और नया मोबाइल ऐप: धोखाधड़ी पर लगेगा ताला

नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) वर्तमान में 'पीपीपी 2.0' को विकसित करने में जुटा है, जो उन्नत आर्किटेक्चर पर आधारित होगा।

उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल ऐप: इसके तहत एक बेहद आसान मोबाइल एप्लीकेशन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विभिन्न विभागों के बीच डेटा का सुगम और सुरक्षित आदान-प्रदान होगा।

एकल पहचान व्यवस्था: सभी विभागों में इस सिंगल आईडी व्यवस्था से डेटा की डुप्लीकेसी (दोहराव) पूरी तरह समाप्त होगी और केवल पात्र नागरिकों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। इस कार्ड में सुरक्षा से जुड़ा समस्त आवश्यक डेटा समाहित होने से धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

2 करोड़ 36 लाख सेवाएं और प्रमाणपत्र... वह भी घर बैठे!

क्रिड (CRID) के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बताया कि जून 2020 में शुरू की गई परिवार पहचान पत्र (PPP) योजना के अंतर्गत प्रदेश के परिवारों का एक प्रामाणिक और विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा चुका है। इसी विश्वसनीय डेटा के आधार पर राज्य की भावी विकास नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पीपीपी के माध्यम से अब तक रिकॉर्ड 2 करोड़ 36 लाख प्रमाणपत्र और सेवाएं नागरिकों को उनके घर बैठे ही उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।

डेटाबेस की सफलता: एक नजर में

पीपीपी के अंतर्गत पंजीकृत परिवारों को दी गई विशिष्ट परिवार पहचान संख्या के जरिए अब तक निम्नलिखित लाभ सीधे जनता तक पहुंचे हैं:

प्रमाणपत्र: लगभग 37 लाख आय प्रमाण पत्र, 21 लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 23 लाख अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र और 8.5 लाख ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

राशन व स्वास्थ्य: 39.76 लाख राशन कार्ड (PDS) और 82 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिए गए हैं।

पेंशन व सामाजिक सुरक्षा: 9.7 लाख वृद्धावस्था पेंशन, 93 हजार विधवा पेंशन, 11.21 लाख लाडो लक्ष्मी योजना और 56 हजार दिव्यांग पेंशन समेत लाखों अन्य लाभार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है।

आंकड़ों में पीपीपी की ताकत: 2.98 करोड़ लोग पंजीकृत

वर्तमान में पीपीपी प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के सभी 23 जिलों के कुल 77 लाख 41 हजार 912 परिवारों के 2 करोड़ 98 लाख 47 हजार 359 सदस्यों को पंजीकृत किया जा चुका है। इस बड़े डेटाबेस के साथ सरकार के 50 से अधिक विभाग सीधे जुड़े हुए हैं, जिनकी 400 से अधिक योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे पात्र जनता तक पहुंच रहा है।

डेटा का स्वतः संशोधन (Auto-Update): इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जन्म, मृत्यु और विवाह संबंधी सरकारी अभिलेखों (रजिस्ट्री) से सीधे लिंक है। इसके कारण किसी भी परिवार के डेटा में बदलाव होने पर सिस्टम उसे स्वतः (ऑटोमैटिक) संशोधित कर देता है, जिससे नागरिकों को बार-बार अपडेट कराने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

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