ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की साजिश, तुर्की में दबोचा गया इराकी एजेंट, सुलेमानी की मौत का बदला ..रची गई थी खौफनाक साजिश

इवांका ट्रंप की हत्या की वैश्विक साजिश नाकाम, संदिग्ध के पास मिला फ्लोरिडा वाले घर का ब्लूप्रिंट, सोशल मीडिया पर दी थी सीक्रेट सर्विस को चुनौती।

23 May 2026  |  62

 

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की एक बेहद खतरनाक और अंतरराष्ट्रीय साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल साजिश को अंजाम देने की कोशिश में जुटे एक इराकी एजेंट को तुर्की में गिरफ्तार कर अमेरिका के हवाले कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी साजिश के तार ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरान-समर्थित मिलिशिया 'कताइब हिजबुल्लाह' से जुड़े हुए हैं।

कौन है आरोपी और क्या था मोटिव?

'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार:

पहचान: संदिग्ध की पहचान 32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है।

साजिश की वजह: अल-सादी कथित तौर पर साल 2020 में हुए उस अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेना चाहता था, जिसका आदेश तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था। उस हमले में ईरान के शक्तिशाली सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

इवांका के घर का ब्लूप्रिंट और सीक्रेट सर्विस को खुली चुनौती

जांच में सामने आया है कि अल-सादी बेहद पुख्ता तैयारी के साथ इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की फिराक में था।

उसके पास से इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट (नक्शा) बरामद हुआ है।

उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अमेरिकियों को खुली चुनौती देते हुए लिखा था, "न तो तुम्हारे महल और न ही तुम्हारी 'सीक्रेट सर्विस' (सुरक्षा एजेंसी) तुम्हारी रक्षा कर पाएगी।"

इराक के पूर्व राजनयिक एंटिफाध कानबर का बयान: "अल-सादी बार-बार इवांका ट्रंप की हत्या करने की बात दोहराता था। उसका कहना था कि वह ट्रंप का घर भी उसी तरह जला देना चाहता है, जिस तरह ट्रंप ने उनका घर (सुलेमानी को मारकर) उजाड़ा था।"

तुर्की में हुई गिरफ्तारी; 18 आतंकी हमलों में शामिल होने का शक

इस वैश्विक ऑपरेशन के तहत अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर उसे अमेरिकी अधिकारियों को सौंप दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि वह केवल इवांका ट्रंप की साजिश में ही नहीं, बल्कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका में आगजनी, गोलीबारी, चाकूबाजी समेत लगभग 18 आतंकी हमलों और प्रयासों में शामिल रहा है। उसके निशाने पर मुख्य रूप से यहूदी स्थल और अमेरिकी राजनयिक ठिकाने थे।

ट्रैवल एजेंसी की आड़ में चला रहा था आतंकी नेटवर्क

दिखावा और हकीकत: जांचकर्ताओं के अनुसार, अल-सादी ने अलग-अलग देशों की यात्रा करने और आतंकी गुटों के बीच तालमेल बिठाने के लिए एक 'इराकी सर्विस पासपोर्ट' और एक 'ट्रैवल एजेंसी' को अपनी आड़ (कवर) बनाया हुआ था।

सोशल मीडिया पर सक्रियता: दिलचस्प बात यह है कि अपनी इस बेहद गुप्त और खतरनाक भूमिका के बावजूद, वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। वह अक्सर यूरोप की मशहूर जगहों से अपनी सेल्फी और हथियारों की तस्वीरें पोस्ट करता रहता था।

वर्तमान स्थिति: ब्रुकलिन जेल में एकांत कारावास

सुलेमानी और उसके उत्तराधिकारी इस्माइल कानी के करीबी रहे अल-सादी पर शिकंजा कसने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अल-सादी को फिलहाल न्यूयार्क के ब्रुकलिन स्थित 'मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर' में भारी सुरक्षा के बीच एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है, जहाँ अमेरिकी अधिकारी और खुफिया एजेंसियां उससे सघन पूछताछ कर रही हैं।

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