UP में बिजली पर 'पावर वॉर': ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार— "आईना उठाने से पहले खुद देखो"

सपा राज के मुकाबले ढाई गुना बढ़ी बिजली की मांग; 30,000 मेगावाट की रिकॉर्ड सप्लाई का दावा, तकनीकी शिकायतों के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटरों पर लगी रोक।

23 May 2026  |  55

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर जारी सियासत अब चरम पर पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव के बयानों पर करारा जवाब देते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक लंबा और आक्रामक पोस्ट साझा किया है। ऊर्जा मंत्री ने सपा शासनकाल की बिजली व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा— "आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दूसरों को दिखाया करो।"

सपा बनाम योगी सरकार: आंकड़ों की जुबानी

बिजली मंत्री ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के कार्यकाल (2012-17) और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल के बिजली संकट व आपूर्ति के आंकड़ों की सीधी तुलना की है:

मानक/सुविधासपा शासनकाल (2012-17)वर्तमान योगी सरकार (2026)
औसत पीक डिमांडलगभग 13,000 मेगावाट30,000 मेगावाट से अधिक
कुल उपभोक्ताकाफी कम3.70 करोड़ से अधिक
बिजली आपूर्ति (गांव/शहर)कई गांवों में हफ्ते में सिर्फ एक बार18 से 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति
इंफ्रास्ट्रक्चरजर्जर तार और कटियाबाजी का संरक्षणलाखों किमी नए तार और खंभे बदले गए

 

"पिछली सरकार में चरमराई थी व्यवस्था, हमने किया समूल नष्ट"

ए.के. शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में बिजली चोरी और अवैध 'कटियाबाजी' को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, जिसने पूरे सिस्टम को खोखला कर दिया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने जर्जर तारों, पुराने खंभों और खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदलने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है।

अखिलेश यादव पर तंज: "भीषण गर्मी की वजह से अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में लगे हुए हम सभी का आप जैसे अनुभवी व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए। रही बात बबूल की तो ये फैसला तो हो चुका है। वो तो आपने लगाए हैं (पिछली सरकार में), हम उन्हें समूल नष्ट कर रहे हैं।"

स्मार्ट मीटर विवाद पर जनता को बड़ी राहत

प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद और तकनीकी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं के हक में एक बड़ा ऐलान किया है:

प्रीपेड मीटर पर रोक: तकनीकी शिकायतों की समीक्षा पूरी होने तक नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के काम पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

पोस्टपेड व्यवस्था: जनता की सहूलियत के लिए फिलहाल पोस्टपेड जैसी पुरानी व्यवस्था को ही लागू रखने की घोषणा की गई है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज बर्दाश्त नहीं

भीषण गर्मी में जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए बिजली मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों को ऑन-फील्ड रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि इस तपन के बीच प्रदेश में निर्बाध (बिना कटौती के) बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लोकल ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी तकनीकी समस्याओं को बिना किसी देरी के तुरंत दुरुस्त किया जाए। ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, यूपी आज देश के सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाले राज्यों में शुमार है और हजारों मेगावाट की नई उत्पादन परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

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