SEBI की बड़ी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर शेयर टिप्स देकर परिवार ने कमाया ₹20 करोड़ का अवैध मुनाफा; रोहन और शेरोन गुप्ता मुख्य मास्टरमाइंड

"टेलीग्राम, व्हाट्सएप और X पर फैलाया जादुई टिप्स का जाल; कम लिक्विडिटी वाले SME शेयरों में हेरफेर कर रिटेल निवेशकों को फंसाया, सेबी की रेड में खुला राज।"

23 May 2026  |  53

 

 

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार के नियामक प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोशल मीडिया के जरिए रिटेल (छोटे) निवेशकों को चूना लगाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। सेबी ने एक ही परिवार के सात सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने और करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाने का आरोप लगाया है। यह परिवार टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे माध्यमों पर शेयर बाजार से जुड़े टिप्स और सिफारिशें फैलाकर निर्दोष निवेशकों को जाल में फंसाता था।

'पंप एंड डंप' का खेल: कैसे जालसाजी करता था यह परिवार?

सेबी द्वारा जारी अंतरिम प्रवर्तन आदेश के अनुसार, इस परिवार की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी:

पहले खुद की खरीदारी: परिवार के सदस्य सबसे पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई (SME) प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध उन शेयरों को भारी मात्रा में खुद खरीद लेते थे, जिनमें लिक्विडिटी (ट्रेडिंग वॉल्यूम) बेहद कम होती थी।

सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार: इसके बाद, इन शेयरों की कीमतों को कृत्रिम रूप से (Artificially) बढ़ाने के इरादे से टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर बड़े स्तर पर उनके पक्ष में सिफारिशें और प्रमोशनल पोस्ट साझा की जाती थीं।

मुनाफावसूली और निवेशकों को धोखा: जैसे ही छोटे निवेशक इन टिप्स के झांसे में आकर शेयर खरीदना शुरू करते और कीमतें ऊपर जातीं, यह परिवार अपने सारे शेयर बेचकर (स्क्वायर ऑफ) मुनाफा कमा लेता था और आम निवेशक घाटे में फंस जाते थे। सेबी ने जांच अवधि के दौरान कुल 82 शेयरों में इस तरह के संदिग्ध ट्रेडिंग पैटर्न को पकड़ा है।

20 करोड़ का शुरुआती अवैध मुनाफा; रोहन-शेरोन गुप्ता बने सबसे बड़े लाभार्थी

बाजार नियामक ने अपनी शुरुआती जांच में पाया है कि इस जालसाजी के जरिए परिवार ने प्राथमिक तौर पर करीब 20.25 करोड़ रुपये का गलत तरीके से मुनाफा कमाया। इस पूरे खेल में रोहन गुप्ता और शेरोन गुप्ता को सबसे बड़े लाभार्थियों के रूप में चिन्हित किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर मिलकर कुल मुनाफे में से करीब 50 करोड़ रुपये (स्क्वायर ऑफ और अन्य वैल्यू मिलाकर) का बड़ा हिस्सा अपनी जेब में डाला।

सेबी की जांच और डिजिटल रेड में मिले चौंकाने वाले आंकड़े

संदिग्ध ट्रेडिंग पैटर्न की भनक लगते ही सेबी ने अदालत से विशेष अनुमति ली और 21 जनवरी से 24 जनवरी 2026 के बीच आरोपियों के ठिकानों पर एक बड़ा तलाशी और जब्ती अभियान (Search and Seizure) चलाया। इस दौरान कई मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए और आरोपियों के बयान शपथ के तहत दर्ज किए गए।

नियामक ने 1 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 तक की अवधि के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें चौंकाने वाली बढ़ोतरी सामने आई:

ट्रेड वैल्यू में 86% का उछाल: जांच अवधि के भीतर इस परिवार का कुल ग्रॉस ट्रेड वैल्यू (Gross Trade Value) पहले के 548.62 करोड़ रुपये से सीधे बढ़कर 1,023.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

मुनाफे में 242% की रिकॉर्ड वृद्धि: इन लोगों का कुल स्क्वायर ऑफ मुनाफा (Square-off Profit) 17.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 58.40 करोड़ रुपये हो गया, जो कि करीब 242 प्रतिशत की अकल्पनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है।

कार्रवाई का डर था, फिर भी जारी रखा खेल

जब्त किए गए डिजिटल सबूतों और जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों को इस बात का भली-भांति अहसास था कि सेबी इस समय छोटे स्तर के सोशल मीडिया ऑपरेटरों (Finfluencers) पर भी बेहद सख्त नजर रख रहा है। उन्हें इस बात का डर और आशंका थी कि वे जल्द ही कानून के शिकंजे में आ सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद मोटी कमाई के लालच में उन्होंने धोखाधड़ी का यह खेल जारी रखा। सेबी ने इसे बाजार के नियमों और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों (Fraudulent and Unfair Trade Practices) का गंभीर उल्लंघन माना है और आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

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