नई दिल्ली। देश में आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, इस बीच राहत की बात यह है कि एलपीजी (रसोई गैस) के मोर्चे पर उपभोक्ताओं को आज बड़ी राहत मिली है। घरेलू और कमर्शियल दोनों ही तरह के एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ईंधन की कीमतों में इस महीने तीसरी बार उछाल
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब घरेलू ईंधन की कीमतों पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने आज ईंधन की कीमतों में निम्नलिखित बढ़ोतरी की है:
पेट्रोल: 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ।
डीजल: 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह इस चालू महीने में तीसरा मौका है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर आम जनता को महंगाई का झटका दिया गया है।
कतर और वियतनाम से पहुंचे दो विशाल गैस टैंकर, सप्लाई होगी सामान्य
मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) संकट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण जहाँ दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराया हुआ है, वहीं भारत के लिए दो बेहद राहत भरी खबरें सामने आई हैं:
MV SYMI: कतर से रवाना हुआ यह बड़ा एलपीजी टैंकर तमाम सुरक्षा चुनौतियों को पार करते हुए गुजरात के कांडला पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है।
Envy Sunshine: वियतनाम के झंडे वाला यह विशालकाय टैंकर लगभग 46,000 मीट्रिक टन रसोई गैस लेकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पर लंगर डाल चुका है।
इन दोनों बड़े जहाजों के भारत पहुंचने से देश में रसोई गैस की सप्लाई काफी हद तक सामान्य और सुचारू हो जाएगी।
विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें (LPG Rates Today)
| शहर | घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत (14.2 KG) | कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत (19 KG) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹913.0 | ₹3071.5 |
| मुंबई | ₹912.5 | ₹3024.0 |
| कोलकाता | ₹939.0 | ₹3202.5 |
| चेन्नई | ₹928.5 | ₹3237.0 |
| बेंगलुरु | ₹915.5 | ₹3152.0 |
| नोएडा | ₹910.50 | ₹3071.5 |
| हैदराबाद | ₹905.0 | ₹2176.5 |
| पटना | ₹1002.5 | ₹3347.0 |
| भोपाल | ₹918.5 | ₹3077.0 |
घाटा खुद उठा रही हैं तेल कंपनियां, लेकिन तेजी का खतरा बरकरार
वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियां (OMCs) फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय बाजार से बेहद ऊंचे दामों पर एलपीजी और कच्चा तेल खरीदने को मजबूर हैं।
"अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद तेल कंपनियां देश के नागरिकों को सीधे तौर पर महंगाई की मार से बचाने के लिए इस वित्तीय घाटे को खुद वहन कर रही हैं। यही वजह है कि आज एलपीजी की कीमतों में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। हालांकि, लागत बढ़ने की वजह से भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है।"
निष्कर्ष: जहाँ एक तरफ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम माल ढुलाई और आम आदमी की आवाजाही को महंगा करेंगे, वहीं रसोई गैस की स्थिर कीमतों और नए टैंकरों के आने से फिलहाल घरों का बजट बिगड़ने से बच गया है।