अमृतसर: पवित्र धार्मिक स्थल श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) सहित देश के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले सिरफिरे सौरव बिस्वास मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस अब इस मामले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) को देने जा रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सौरव बिस्वास ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्रिप्टो करेंसी के जरिए कुछ संदिग्ध लोगों को भुगतान किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
क्रिप्टो करेंसी डील की जांच: अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका
साइबर सेल और पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले सौरव बिस्वास के तार सरहद पार जुड़े हो सकते हैं।
संदिग्ध भुगतान: सौरव ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से मोटी रकम ट्रांसफर की है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि यह भुगतान किस खतरनाक डील या साजिश के बदले किया गया था।
ग्लोबल नेटवर्क: आशंका जताई जा रही है कि ई-मेल के जरिए दहशत फैलाने वाला सौरव भारत के अलावा अन्य देशों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी वांछित (Wanted) हो सकता है। इसी वजह से मामले में इंटरपोल की मदद ली जा रही है।
6 महीने में 40 बार दी स्वर्ण मंदिर को उड़ाने की धमकी
आरोपी सौरव बिस्वास एक शातिर अपराधी की तरह काम कर रहा था। उसने पिछले छह महीनों के भीतर अकेले श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ाने की करीब 40 धमकियां ई-मेल के जरिए भेजी थीं। इसके अलावा उसने देश के कई अन्य संवेदनशील और वीआईपी ठिकानों को भी निशाना बनाया था, जिनमें शामिल हैं:
श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमृतसर)
श्री दुर्ग्याणा मंदिर
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और कई नामी स्कूल
देश के अन्य हिस्सों में स्थित महत्वपूर्ण स्थल
हैकर्स से खरीदी थीं 300+ ईमेल आईडी, बरामद हुआ डिजिटल जखीरा
पुलिस की एक लंबी और तकनीकी जांच के बाद सौरव को दबोचा गया था। तलाशी के दौरान उसके पास से जो डिजिटल जखीरा मिला है, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
बरामदगी की सूची:
300 से अधिक ईमेल आईडी और पासवर्ड (जो उसने पैसे देकर विभिन्न लोगों और हैकर्स से खरीदे थे)
3 सीपीयू (CPU) और 5 हार्ड डिस्क
3 मोबाइल फोन और 1 इंटरनेट राउटर
15 हॉटमेल (Hotmail) अकाउंट
फिलहाल जेल भेजा गया आरोपी, दोबारा रिमांड की तैयारी
साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गहन पूछताछ और तकनीकी डेटा खंगालने के बाद आरोपी सौरव बिस्वास को फिलहाल अमृतसर की फताहपुर जेल भेज दिया गया है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। जैसे ही क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन और इंटरपोल से नए इनपुट सामने आएंगे, आरोपी को दोबारा कोर्ट में पेश कर 'प्रोडक्शन वारंट' पर जेल से गिरफ्तार किया जाएगा ताकि देश की सुरक्षा से जुड़े इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा सके।