पाकिस्तान के क्वेटा में भीषण बम धमाका: रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर किया गया विस्फोट, 23 की मौत, 47 घायल

धमाके की तीव्रता से पलटे ट्रेन के डिब्बे, मलबे में तब्दील हुईं गाड़ियाँ; बलूचिस्तान के अशांत इलाके में मची अफरा-तफरी, अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित।

24 May 2026  |  57

 

क्वेटा/इस्लामाबाद: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण बम धमाके से दहल उठा है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास हुए एक बड़े और शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 47 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई, जिसके तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी नजदीकी सरकारी अस्पतालों में हाई अलर्ट और इमरजेंसी घोषित कर दी है।

चमन फाटक के पास शटल ट्रेन बनी निशाना, पलटे डिब्बे

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह आतंकी हमला उस समय हुआ जब क्वेटा कैंट की तरफ जा रही एक शटल ट्रेन चमन फाटक के पास से गुजर रही थी। तभी रेलवे लाइन पर पहले से प्लांट किया गया बम रिमोट या टाइमर के जरिए उड़ा दिया गया।

ट्रेन को भारी नुकसान: इस भीषण विस्फोट के कारण इंजन समेत ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से दो डिब्बे पूरी तरह पलट गए।

आसपास तबाही: धमाके का असर इतना तीव्र था कि रेलवे पार्किंग में खड़ी करीब 10 गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास की इमारतों की खिड़कियां व शीशे चकनाचूर हो गए।

दहशत का माहौल: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद इलाके में अंधाधुंध गोलियों की आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे लोगों में भारी डर फैल गया।

सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा, जाफर एक्सप्रेस रोकी गई

बलूचिस्तान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बाबर यूसुफजई ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस, सेना के सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे प्रभावित इलाके की सख्त घेराबंदी कर दी गई है और मलबे से लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को क्वेटा रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया है, ताकि ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बलूचिस्तान का पुराना दर्द: अलगाववादी संगठनों पर शक

हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी या अलगाववादी संगठन ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियां इसे बलूच विद्रोहियों की सोची-समझी साजिश मानकर जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण लेकिन बेहद अशांत इलाका है, जहां लंबे समय से कई अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ हिंसक लड़ाई लड़ रहे हैं।

"आतंकवाद के आगे नहीं झुकेंगे" — पाक रेल मंत्री

"यह एक कायरतापूर्ण और बर्बर आतंकी हमला है। लेकिन ऐसे कायराना मंसूबे आतंकवाद के खिलाफ जंग में पाकिस्तान के हौसले को कमजोर नहीं कर सकते। फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए राहत ट्रेनें और रेस्क्यू ट्रक मौके पर भेज दिए गए हैं।" — मोहम्मद हनीफ अब्बासी, रेल मंत्री (पाकिस्तान)

रेल मंत्री ने रेलवे के आला अधिकारियों से इस सुरक्षा चूक पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने साफ किया कि इस बड़े हमले के बावजूद पाकिस्तान रेलवे का कामकाज थमेगा नहीं और देश भर में ट्रेन सेवाएं अपनी निर्धारित गाइडलाइन के तहत जारी रहेंगी।

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