पटना में 'गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड' के हाईटेक साइबर गैंग का पर्दाफाश: लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी, 10वीं पास प्रेमी ढूंढता था शिकार, प्रेमिका रखती थी पैसों का हिसाब

महज डेढ़ साल में उड़ाए 1 करोड़ से ज्यादा; जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवाकर मंगवाते थे ठगी की रकम, 11 मोबाइल और 11 एटीएम कार्ड के साथ दो गिरफ्तार।

24 May 2026  |  83

 

पटना: बिहार की राजधानी पटना में साइबर पुलिस ने एक ऐसे दिलचस्प और शातिर 'गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड' के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने अपनी ठगी के जाल से पुलिस के नाक में दम कर रखा था। इस अनोखे साइबर क्राइम में महज 10वीं पास बॉयफ्रेंड नए-नए शिकार ढूंढने का काम करता था, जबकि उसकी पढ़ी-लिखी गर्लफ्रेंड फ्रॉड की रकम और खातों का पूरा हिसाब-किताब रखती थी। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में डिजिटल गैजेट्स बरामद किए हैं।

रामकृष्ण नगर में छापेमारी: नालंदा और नवादा के शातिर गिरफ्तार

पटना के साइबर डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर इलाके में जाल बिछाकर छापेमारी की।

मुख्य आरोपी: संजय कुमार (निवासी नालंदा), जो महज 10वीं पास है लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड के इशारे पर इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बना हुआ था।

सहयोगी: अभिषेक कुमार (निवासी नवादा), जो इस काले धंधे में संजय का पूरा साथ दे रहा था।

गर्लफ्रेंड की भूमिका: आरोपी संजय की गर्लफ्रेंड इस पूरे नेटवर्क की 'अकाउंटेंट' थी, जो पैसों के लेन-देन पर बारीक नजर रखती थी। पुलिस अब उसकी तलाश और इस अपराध में उसकी संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है।

बैंक कर्मियों से सांठगांठ और 'जीरो बैलेंस' का खेल

डीएसपी धारिया ने बताया कि इस गिरोह का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था:

"ये लोग आम मासूम लोगों को बेहद आसान किस्तों पर आकर्षक लोन दिलाने का लालच देते थे। जब पीड़ित इनके झांसे में आ जाता, तो ये कुछ भ्रष्ट बैंक कर्मियों की मिलीभगत से पीड़ितों के नाम पर 'जीरो बैलेंस' (Zero Balance) बैंक अकाउंट खुलवा लेते थे। बाद में देश भर से ठगी गई रकम को इन्हीं खातों में ट्रांसफर करवाया जाता था।"

66 लाख रुपये देख चौंक गया पीड़ित, ऐसे खुला राज

इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब गिरोह ने आदित्य कुमार नाम के एक युवक को लोन देने का झांसा दिया और उसके नाम पर एक बैंक खाता खुलवाया। इस खाते का इस्तेमाल कर आरोपियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों से ठगी गई 66 लाख रुपये की रकम तीन किस्तों में आदित्य के अकाउंट में मंगवा ली।

जब आदित्य ने अचानक अपने बैंक खाते में इतनी बड़ी रकम देखी, तो उसके होश उड़ गए। उसे किसी बड़ी साजिश का अंदेशा हुआ और उसने बिना वक्त गंवाए इसकी शिकायत तुरंत साइबर सेल में कर दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जब जांच की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं।

बरामदगी और अंतराज्‍यीय कनेक्शन

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी जखीरा बरामद किया है:

11 चालू मोबाइल फोन

11 चालू एटीएम (ATM) कार्ड

2 चेक बुक

बिहार के बाहर भी फैला था जाल: साइबर डीएसपी के अनुसार, इस गिरोह ने पिछले डेढ़ साल के भीतर लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इस गैंग के खिलाफ बिहार के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी साइबर क्राइम के मामले दर्ज हैं।

आगे की कार्रवाई: फिलहाल गिरफ्तार किए गए दोनों शातिर अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन बैंक कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर रही है जो इस गिरोह की मदद कर रहे थे, साथ ही फरार गर्लफ्रेंड और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

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