सोने-चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: एक हफ्ते में ₹8100 से ज्यादा टूटी चांदी, सोना भी ₹2700 तक हुआ सस्ता

शादियों के सीजन से पहले सर्राफा बाजार में हलचल; पीएम मोदी की अपील और वैश्विक दबाव से औंधे मुंह गिरे दाम, विशेषज्ञों ने दी होल्ड करने की सलाह।

24 May 2026  |  68

 

 

नई दिल्ली: देश के सर्राफा बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले एक हफ्ते के भीतर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट (Gold-Silver Price Crash) दर्ज की गई है। महज कुछ दिनों के भीतर सोना करीब ₹2700 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के दामों में ₹8100 प्रति किलोग्राम से अधिक की ऐतिहासिक गिरावट आई है। बाजार में आए इस अचानक भूचाल से आम खरीदार, निवेशक और ज्वैलर्स असमंजस की स्थिति में हैं।

बाजार के इस रुख को समझने के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने इसके पीछे के प्रमुख कारणों और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला है।

MCX पर क्या हैं ताजा रेट?

कारोबारी हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में गिरावट का रुख साफ दिखाई देता है:

सोना (Gold Price Today): हफ्ते के शुरुआती दिन सोमवार को सोना 1,60,790 रुपए पर ओपन हुआ था, जो शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन गिरकर 1,58,679 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस तरह सोने में ₹2,686 की कमी आई।

चांदी (Silver Price Today): चांदी सोमवार को 2,80,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली थी, जो शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ 2,71,846 रुपए के स्तर पर बंद हुई। एक हफ्ते में चांदी ₹8,154 सस्ती हो चुकी है।

क्यों आ रही है इतनी बड़ी गिरावट?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस महा-गिरावट के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही कारक जिम्मेदार हैं:

पीएम मोदी की अपील का असर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Reserve) को मजबूत करने के लिए कुछ समय सोना न खरीदने की अपील की थी। भारत दुनिया का बड़ा आयातक है, इसलिए मांग घटने की उम्मीद से वैश्विक बाजार में भी दबाव देखा जा रहा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिका सहित दुनिया भर के केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की तैयारी में हैं। यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 70% आशंका के चलते निवेशक सोने से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स में शिफ्ट कर रहे हैं।

कच्चे तेल में नरमी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सकारात्मक बयानों के बाद ब्रेंट क्रूड गिरकर $105 के आसपास आ गया है, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आ रही है।

शॉर्ट टर्म टारगेट: अभी और गिर सकते हैं दाम

बाजार में फिलहाल न तो शादियों का सीजन है और न ही कोई बड़ा त्योहार। एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में यह नरमी अभी जारी रह सकती है:

सोने का संभावित लक्ष्य: ₹1,57,000 से ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है।

चांदी का संभावित लक्ष्य: ₹2,65,000 से ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम तक आ सकती है।

निवेशकों और खरीदारों के लिए एक्सपर्ट गाइडलाइंस

पुराने निवेशक धैर्य रखें (Hold): जिन्होंने ऊंचे दामों पर सोना खरीदा है, वे पैनिक में आकर इसे बिल्कुल न बेचें। इतिहास गवाह है कि मंदी या वैश्विक संकट के बाद सोने ने हमेशा बेहतरीन रिटर्न दिया है। लॉन्ग टर्म में सोना पूरी तरह सुरक्षित है।

नए खरीदारों के लिए रणनीति (Buy on Dips): नए खरीदारों के लिए यह गिरावट एक बेहतरीन मौका है। हालांकि, सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय "टुकड़ों में खरीदारी" (SIP मोड) करें। जैसे-जैसे दाम गिरें, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सोना-चांदी जोड़ते जाएं।

बेस मेटल्स से रहें दूर: कॉपर और जिंक जैसे बेस मेटल्स में भले ही तेजी हो, लेकिन ये इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट हैं। आम निवेशकों को कॉपर को 'अगला सोना' समझने की भूल नहीं करनी चाहिए और सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी पर ही भरोसा रखना चाहिए।

सर्राफा बाजारों में सन्नाटा, ज्वैलर्स परेशान

इधर, दिल्ली सर्राफा बाजार के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि पिछले 6 महीनों की मंदी के बाद अब बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। विदेशी मुद्रा बचाने की अपील के बाद ग्राहकों की कमी से कारीगर और कर्मचारी खाली बैठे हैं। सर्राफा एसोसिएशन ने अब सरकार को 'गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम' को नए सिरे से प्रभावी बनाने का लिखित प्रस्ताव भेजा है, ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी सुरक्षित रहे और घरेलू व्यापार भी चलता रहे।

 

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