प्रेडिक्शन मार्केट पर सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक: भारत में ब्लॉक होंगे पॉलीमार्केट और कलशी जैसे विदेशी बेटिंग प्लेटफॉर्म

PROGA कानून के तहत आईटी एक्ट की धारा 69A का इस्तेमाल कर कड़ा शिकंजा; वीपीएन कंपनियों को भी सरकार की दोटूक चेतावनी।

24 May 2026  |  56

 

 

नई दिल्ली: देश में ऑनलाइन जुआ, सट्टेबाजी और वित्तीय जोखिमों के खिलाफ भारत सरकार अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने जा रही है। दुनिया भर में मशहूर 'प्रेडिक्शन मार्केट' (भविष्यवाणी बाजार) प्लेटफॉर्म्स जैसे पॉलीमार्केट (Polymarket) और कलशी (Kalshi) पर भारत में पूरी तरह प्रतिबंध लगने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इन विदेशी प्लेटफॉर्म्स को भारत में ब्लॉक करने के लिए अंतिम आदेश जारी करने की तैयारी में है।

सरकार का मानना है कि वास्तविक पैसों का दांव लगाने वाले ये प्लेटफॉर्म युवाओं में लत, भारी आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध धन को वैध बनाना) जैसी गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

क्या होते हैं 'Prediction Market' प्लेटफॉर्म?

ये ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म होते हैं जहाँ उपयोगकर्ता किसी भविष्य की घटना के होने या न होने पर सीधे असली पैसे लगाकर दांव (बेटिंग) खेलते हैं।

किन चीजों पर लगता है दांव: इसमें आईपीएल (IPL) मैचों के नतीजों से लेकर वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान शांति समझौते, विभिन्न देशों के चुनाव और कंपनियों के आईपीओ (IPO) के भविष्य तक पर पैसा लगाया जाता है।

सट्टेबाजी का विशाल पैमाना: रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में 7 मई को हुए लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के एक ही मैच पर इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए करीब 27.7 मिलियन डॉलर (लगभग 231 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम ट्रेडिंग दर्ज की गई थी। पॉलीमार्केट और कलशी के अलावा Bitclout, Hedgehog और PlotX जैसे प्लेटफॉर्म भी इस सट्टा बाजार में तेजी से पैर पसार रहे हैं।

कार्रवाई की मुख्य वजह: PROGA कानून और धारा 69A

भारत सरकार ने अगस्त 2025 में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को विनियमित करने के लिए एक सख्त कानून PROGA (प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट) लागू किया था। इसी कानून के तहत अब इन प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म्स को भी 'ऑनलाइन जुआ' (Online Gambling) की श्रेणी में माना गया है।

आईटी एक्ट की धारा 69A का प्रहार: इन ऐप्स और वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए सरकार सूचना प्रौद्योगिकी कानून (IT Act) की उसी धारा 69A का इस्तेमाल कर रही है, जिसके तहत पूर्व में भारत में 'टिकटॉक' (TikTok) समेत कई चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित किया गया था।

VPN कंपनियों को मंत्रालय की सख्त चेतावनी

सरकार की यह कार्रवाई केवल वेबसाइट ब्लॉक करने तक सीमित नहीं है। मंत्रालय ने 25 अप्रैल 2026 को सभी वीपीएन (Virtual Private Network) कंपनियों को भी एक कड़ा नोटिस जारी किया है।

मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कई भारतीय यूजर्स ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म्स को चलाने के लिए वीपीएन का सहारा ले रहे हैं। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी वीपीएन प्रदाता इन प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच (एक्सेस) देने में मदद करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी गंभीर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर

इस कड़े कानून (PROGA) के आने के बाद कई घरेलू रियल-मनी गेमिंग कंपनियां पहले ही भारत में अपना कारोबार समेट चुकी हैं या सीमित कर चुकी हैं। हालांकि वर्तमान में पॉलीमार्केट और कलशी कुछ चुनिंदा इंटरनेट नेटवर्कों पर काम कर रहे हैं, लेकिन टेक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के नए आदेश के बाद अगले कुछ ही दिनों में इनका भारत से पूरी तरह बोरिया-बिस्तर सिमट जाएगा।

 

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