नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में बच्चे स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्ट टीवी पर घंटों वीडियो, कार्टून और वेब सीरीज देखते हैं। मनोरंजन का यह साधन तब चिंता का विषय बन जाता है, जब ओटीटी (OTT) और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के सामने अनजाने में एडल्ट, हिंसक या असंवेदनशील कंटेंट आ जाता है। कम उम्र में ऐसा कंटेंट बच्चों के मानसिक विकास और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।
राहत की बात यह है कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर मजबूत सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं, जिन्हें ऑन करके माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट अनुभव दे सकते हैं। आइए जानते हैं इन जरूरी सेटिंग्स को ऑन करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
1. Netflix: ऐसे बनाएं सुरक्षित 'Kids Profile'
नेटफ्लिक्स पर बच्चों के लिए एक अलग दुनिया बनाई जा सकती है, जहां केवल कार्टून और उनके काम के शो ही दिखेंगे।
कैसे करें सेटिंग:
Netflix ऐप खोलें और Profile सेक्शन में जाएं।
Manage Profiles पर क्लिक करें और एक नई Kids प्रोफाइल बनाएं।
Viewing Restrictions में जाकर बच्चे की उम्र के हिसाब से कंटेंट लिमिट (Maturity Rating) सेट करें।
सबसे जरूरी— Profile Lock में जाकर 4-डिजिट का PIN लगा दें, ताकि बच्चे आपकी या किसी अन्य एडल्ट प्रोफाइल में न जा सकें।
2. Amazon Prime Video: कंटेंट फिल्टर करना है बेहद आसान
प्राइम वीडियो का पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम एक ही अकाउंट को कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रखता है।
कैसे करें सेटिंग:
Prime Video ऐप या वेबसाइट खोलें और Account & Settings में जाएं।
यहाँ Parental Controls का सेक्शन ओपन करें।
Viewing Restrictions में जाकर अपनी पसंद के अनुसार (जैसे U/A 13+, U/A 16+) लिमिट तय करें।
एक मजबूत PIN सेट कर दें। इसके बाद कोई भी एडल्ट कंटेंट बिना पासकोड के ओपन नहीं होगा।
3. YouTube: 'Restricted Mode' और 'YouTube Kids' का लें सहारा
यूट्यूब पर हर तरह का कंटेंट मौजूद है, इसलिए यहाँ सुरक्षा की दोहरी परत आवश्यक है।
बड़े बच्चों के लिए (Restricted Mode):
YouTube ऐप खोलकर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें।
Settings > General में जाएं।
यहाँ Restricted Mode को ऑन कर दें। इससे संवेदनशील और एडल्ट वीडियो काफी हद तक छिप जाते हैं।
छोटे बच्चों के लिए (YouTube Kids):
छोटे बच्चों के लिए मुख्य यूट्यूब ऐप के बजाय अलग से YouTube Kids ऐप डाउनलोड करें। इसमें केवल बच्चों के लिए चुनिंदा और फिल्टर किया गया कंटेंट ही दिखता है। साथ ही माता-पिता इसमें स्क्रीन टाइम लिमिट और सर्च कंट्रोल जैसे फीचर्स भी सेट कर सकते हैं।
ऐप ही नहीं, पूरे डिवाइस को बनाएं सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल ऐप्स की सेटिंग्स बदलना काफी नहीं है। बच्चों की पूर्ण सुरक्षा के लिए पूरे डिवाइस को कंट्रोल करना जरूरी है:
स्मार्ट टीवी के लिए: एंड्रॉयड टीवी और गूगल टीवी में मिलने वाले Kids Mode और ऐप लॉक का इस्तेमाल करें।
स्मार्टफोन के लिए: बच्चों के हाथ में फोन देने से पहले Google Family Link (एंड्रॉयड के लिए) या Apple Screen Time (आईफोन के लिए) जैसे पैरेंटल टूल्स का उपयोग करें। इससे आप ऐप डाउनलोड, स्क्रीन टाइम और इंटरनेट एक्सेस को आसानी से मॉनिटर कर सकते हैं।
आज की जरूरत: तकनीकी सुरक्षा फीचर्स अपनी जगह हैं, लेकिन माता-पिता की जागरूकता सबसे बड़ी ढाल है। बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में समझाएं और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर दोस्ताना नजर रखें।